शहर का बहुचर्चित जितेंद्र हत्याकांड का खुलासा अभी नहीं हो सका है। डेढ़ माह बीतने के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपी को दबोचने में असफल है। दो दिन पहले वकीलों ने कोतवाली का घेराव करते हुए शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। लेकिन पुलिस के रवैये में सुधार नहीं दिखा।
नौ अक्तू्बर की रात कोतवाली क्षेत्र के गांव जैतापुर में पूर्व पालिकाध्यक्ष धर्मेश दुबे के पुत्र जितेंद्र दुबे की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस प्रकरण में पुलिस ने शुरूआती दौर में तो पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन शेष आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी तक दूर हैं।
पुलिस की कार्यशैली से खफा मृतक के भाई ज्ञानेंद्र दुबे ने अपने साथी वकीलों के साथ सदर इंस्पेक्टर का घेराव भी किया और दो दिन के अंदर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की भी मांग की। अल्टीमेटम के बाद दो दिन बीत चुके हैं लेकिन पुलिस की कार्यशैली में कोई तीव्रता नहीं दिख रही है।
आखिर क्या कारण है कि पुलिस मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों को पकडने में हिचकिचा रही है। पुलिस की हीला-हवाली के चलते अब जितेंद्र के परिजनों को न्याय मिलता नछहीं दिख रहा है। हत्या के करीब डेढ़ माह बीतने के बाद भी पुलिस शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने में असफल होती नजर आ रही है।
मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर जल्द ही उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। एएसपी विपुल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए धरपकड़ चल रही है। शेष आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। किसी भी सूरत में आरोपियों को बक्शा नहीं जाएगा।