औरैया। नगर पालिका परिषद क्षेत्र में मानसून की आहट के साथ ही जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। पालिका प्रशासन ने बारिश से पहले क्षेत्र के कुल 118 नालों में से करीब 100 नालों की सफाई का दम भरा है लेकिन ये दावे हवा-हवाई हैं।
जालौन और जेसीज चौराहा नाला अभी तक साफ नहीं किया गया। तेज बारिश हुई तो ये दोनों प्रमुख नाले उफनाने से बड़ी आबादी को जलभराव का संकट झेलना पड़ेगा। वहीं जहां नाले साफ किए गए वहां भी सिल्ट मुसीबत बनी है।
नाला सफाई न होने से बारिश के दिनों शहर के जेसीज चौराहे के पास स्थित मोहल्ला सत्तेश्वर पश्चिमी, आंशिक बनारसीदास, रजानगर, गायत्री नगर के करीब 200 से अधिक घर प्रभावित होंगे। इसी तरह कानपुर रोड स्थित नाला टूट कर बस्तियों की तरफ डायवर्ट हो गया है। बारिश के दिनों में गंदे पानी से रजानगर में रहने वाले दो हजार से ज्यादा लोग प्रभावित होंगे।
पालिका प्रशासन बारिश से पहले नालों की सफाई की बात कर रहा। हकीकत यह है कि सफाई अभियान के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। कानपुर रोड पर स्थित नगर पालिका के नाले में शुक्रवार को तीन फुट तक पानी भरा मिला। अगर बारिश हुई तो पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। जेसीज चौराहा के पास भी नालों को साफ नहीं किया गया है। ऐसे मंे मानसून में शहर जलमग्न हो सकता है।
सीन-1
निकला कूड़ा-कचरा नाले में जा रहा
इसी तरह एचडीएफसी बैंक के पास नाले के किनारे सफाई के बाद निकला कूड़ा-कचरा पड़ा मिला। यह कूड़ा धीरे-धीरे दोबारा नाले में जा रहा। ऐसे में तेज बारिश होने से कूड़ा दोबारा नाले में बहेगा।
सीन-2
सिल्ट न उठने से गंदगी नाले में गई
इंडियन ऑयल चौकी के पास भी सफाई के बाद सिल्ट न उठाने की वजह से गंदगी को दोबारा अंदर चली गई। जालौन चौराहा के पास स्थित नाले में भी गंदगी जमा है। बारिश हुई तो पानी सड़क पर ही बहेगा।
लोग बोले-नालों के किनारे सिल्ट का ढेर
सफाई के नाम पर खानापूर्ति
नालों की सफाई तो की जाती है लेकिन कूड़ा मौके से नहीं उठाया जाता। इससे चारों तरफ बदबू और गंदगी फैलती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
-अरुण भदौरिया, नागरिक
दोबारा नाले में जा रहा कूड़ा
सफाई कर्मचारी नाले से सिल्ट निकालकर किनारे ही ढेर लगा देते हैं। हवा और राहगीरों के पैरों से वह कूड़ा दोबारा नाले में चला जाता है। पालिका को इस पर ध्यान देना चाहिए। -उदित तिवारी, नागरिक
मौरंग से चोक हो रहे नाले
सड़कों पर अवैध रूप से पड़ी मौरंग और गिट्टी बारिश के पानी के साथ बहकर नालियों में चली जाती है। इससे नाले पूरी तरह जाम हो जाते हैं और पानी की निकासी रुक जाती है। -मुकुल गुप्ता, व्यापारी
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टापू बन जाएगा शहर
कुछ ही दिनों में झमाझम बारिश शुरू होने वाली है। पालिका प्रशासन की इस लापरवाही के कारण इस बार भी शहर में घुटनों तक पानी भरना तय है। समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं। -शनि सिंह, स्थानीय निवासी
बारिश से पूर्व नालों की साफ-सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। जिन जगहों पर दोबारा नाले चोक होने या सिल्ट जमा होने की समस्या सामने आ रही है, वहां फिर से विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। हमारा प्रयास है कि मानसून की पहली बारिश से पहले सभी नालों को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाए ताकि जनता को जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
-अनूप गुप्ता, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद औरैया
सत्तेश्वर मोहल्ले के बड़े नाले की सफाई
नगर पालिका क्षेत्र में बारिश से पूर्व नालों की साफ-सफाई को लेकर सघन अभियान शुरु किया गया है। फफूंद रोड पर नालों के ऊपर के अतिक्रमण को हटाया गया। पालिका के इस अभियान से लोगों को बारिश के समय उफनाने वाले नालों से होने वाले जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। सफाई निरीक्षक आशीष पांडेय ने बताया कि शहर में बारिश के समय होने वाली जलभराव की समस्या को मद्देनजर नालों की साफ-सफाई का काम जोरों से कराया जा रहा है। शुक्रवार को यह अभियान सत्तेश्वर मोहल्ले के बड़े नाले में चलाया गया।
फोटो-23- कानपुर रोड पर गंदगी से पटा नाला। संवाद- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।
फोटो-23- कानपुर रोड पर गंदगी से पटा नाला। संवाद- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।
फोटो-23- कानपुर रोड पर गंदगी से पटा नाला। संवाद- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।
फोटो-23- कानपुर रोड पर गंदगी से पटा नाला। संवाद- फोटो : महिलाओं को जागरूक करती महिला आरक्षी।