औरैया। दिबियापुर नहर बाजार में सरकारी जमीन पर हुए कब्जे को लेकर प्रशासन रुख सख्त है। हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में प्रगति तलब की गई है।
पिछले साल भी अवैध मकानों पर सिंचाई विभाग व पीडब्ल्यूडी ने नोटिस चस्पा कराए हैं। बाजार में सरकारी जमीन पर बने मकानों में रसूखदारों के भवन भी शामिल हैं। उधर, सरकारी जमीन खाली होना लगभग तय है।
हाल ही में सिंचाई विभाग की ओर से दिबियापुर कस्बा में 48 मकानों पर नोटिस चस्पा कराए गए हैं। वहीं पीडब्ल्यूडी ने 300 के करीब मकानों पर नोटिस चस्पा कराए हैं। इस चेतावनी में 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। मकानों को स्वयं से हटा लेने और न हटाने की स्थिति में प्रशासन की ओर से ढहा दिए जाने की चेतावनी दी गई है।
ये चेतावनी साल 2024 में भी जारी हो चुकी है। पिछली साल यहां पर 40 से ज्यादा मकानों पर बुलडोजर चलाते हुए ढहा दिया गया था। वहीं तोड़े गए मकानों में एक सफेदपोश का भवन की शामिल था। वहीं हाल ही में चस्पा कराए गए नोटिसों में रसूखदारों के नाम भी शामिल है।
दिबियापुर नहर बाजार में इस चेतावनी के बाद से खलबली मची हुई है। यहां पर बस इस कवायद को किसी तरह से रुकवाने की जुगत भिड़ाई जा रही है। प्रशासन ने इसका काट निकालते हुए भवनों में रह लोगों को उनका पक्ष रखने की मोहलत दी है।
सरकारी अमले से संवाद के बाद आगे की तस्वीर स्पष्ट की जाएगी। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सिंचाई विभाग की ओर से नोटिस चस्पा कराए गए हैं। भवनों में काबिज लोगों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।