बिधूना। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत विमटामऊ में पंचायत भवन निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला पांच वर्ष बाद भी सुलझ नहीं सका है।
कई स्तरों पर जांच होने, गुणवत्ता खराब मिलने और दोषियों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके बावजूद पंचायत भवन आज भी अधूरा पड़ा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे ग्राम पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है और पंचायत सहायक को निजी स्थान पर बैठकर कार्य करना पड़ रहा है। प्रधान हाकिम सिंह ने बताया कि वर्ष 2022 में जनता दर्शन के दौरान पंचायत भवन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद जांच अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा जांच की गई।
जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब है। आरसीसी स्लैब में कई स्थानों पर दरारें हैं, बड़े हॉल की दोनों बीम लचक गई हैं।
रिपोर्ट में पंचायत भवन की छत गिराकर तकनीकी मानकों के अनुसार दोबारा निर्माण कराने व दोषी कार्यदायी संस्था को बिना अतिरिक्त भुगतान के कार्य पूरा कराने की संस्तुति की गई थी। इसके बाद तत्कालीन एडीएम रेखा एस चौहान ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसमें बीडीओ द्वारा भेजी गई आख्या में तत्कालीन प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, प्रशासक और निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले अवर अभियंता को निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार बताया गया था।
मामला यहीं नहीं रुका। बताया गया कि पिछले वर्ष तत्कालीन डीपीआरओ श्रीकांत यादव ने भी जिला पंचायत की तकनीकी टीम से निर्माण कार्य की जांच कराई। इस जांच में भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे। इसके बाद पंचायत के खाते में पड़े चार लाख रुपये से अधिक रुपयों से सुधार कार्य कराकर पंचायत भवन पूरा कराने की बात कही गई। इसके बावजूद भी निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
मौजूदा समय में पंचायत भवन अधूरा होने से पंचायत सहायक को निजी भवन में बैठकर सरकारी कार्य करना पड़ रहा है। ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, मनरेगा व अन्य पंचायत संबंधी कार्यों के लिए असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वर्जन
पंचायत भवन का मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। पूर्व में भी इसकी जांच कराई जा चुकी है और तत्कालीन डीपीआरओ स्तर से भी रिपोर्ट तैयार हुई थी। अब जो भी निर्णय सक्षम अधिकारी लेंगे, उसी के अनुरूप कार्रवाई कराई जाएगी। फिलहाल मामला उच्च स्तर पर विचाराधीन हैं।-रामदुलार, बीडीओ