डीआईओएस ने जिले के विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यो को आगामी 10 जुलाई तक लिखित रूप से प्रमाणपत्र कार्यालय को उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए हैं। प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के बाद निरीक्षण में अमान्य कक्षाएं संचालित पाए जाने पर डीआईओएस ने संबंधित विद्यालयों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ ही मान्यता प्रत्याहरण की सिफारिसी कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी है।
गौरतलब हो कि गत् 28 मई को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट ने पिछले सत्र में अनेक विद्यालयों में हाईस्कूल की मान्यता वाले विद्यालयों में इंटरमीडिएट और इंटरमीडिएट कला वर्ग के मान्यता वाले वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान वर्ग की कक्षाएं संचालित होने की डीआईओएस से शिकायत की थी।
शिक्षक नेता सुनील कुमार मिश्रा की ओर से की लिखित शिकायत की गोपनीय जांच कराने पर डीआईओएस ने उक्त शिकायत को सही पाया। विद्यालयों की ओर से की गई इस नियम के खिलाफ हरकत पर गंभीर डीआईओसएस ने ऐसी कक्षाओं को अमान्य कर दिया है।
संदेह के घेरे में दो दर्जन विद्यालय
औरैया। नियम कायदों को ताक पर रख कर अमान्य कक्षाएं संचालित कराने वाले जिले के दो दर्जन से अधिक विद्यालय संदेह के घेरे में आते दिखाई दे रहे हैं। गोपनीय जांच रिपोर्ट में ऐसे विद्यालयों पर पैनी निगाह रखे जाने की डीआईओएस से सिफारिस की गई है। सूत्रों की मानें तो जांच कमेटी की ओर से सौंपी गई गोपनीय जांच रिपोर्ट में की सिफारिस पर अमल करने को डीओईओएस की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है।
माध्यमिक विद्यालयों में नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही अमान्य कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। चंद्र प्रताप सिंह, डीआईओएस