औरैया। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) ने सेहुद चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर पिछले दिनों झटका दिया। इसके बाद से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों के लिए 80 लोगों ने आवेदन के बाद साक्षात्कार दिया है। ऐसे में काफी कुछ पद भर जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
मेडिकल कॉलेज की मान्यता सुनिश्चित करने के लिए एनएमसी मानकों के तहत कॉलेज में 23 विभागों के मुकाबले 86 चिकित्सा शिक्षक की जरूरत है। इसमें से अभी तक महज 18 पदों को भरा जा सका है। 15 जुलाई से लगातार लखनऊ में इन पदों को भरने के लिए साक्षात्कार चल रहे हैं। इसमें 80 एमबीबीएस व रेजीडेंट डॉक्टर के लिए अपना इंटरव्यू दिया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से लगातार कॉलेज की मान्यता को लेकर एनएमसी मानकों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस कड़ी में पिछले दिनों चिचौली में निर्माण व व्यवस्थाओं को पुख्ता किया गया। वहीं सेहुद में कक्षा संचालन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया। अब महज चिकित्सा शिक्षकों की कमी पूरी है। शेष पदों के लिए इंटरव्यू के तहत काफी कुछ पद भर जाने की संभावना है। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन एनएमसी से एक बार फिर से मान्यता को लेकर अपील करेगा। सूत्रों की माने तो इसी सत्र से कक्षा संचालन पर निगाहें टिकी है। यही वजह है कि मानकों की गुत्थी को सुलझाया जा रहा है।
वर्जन
‘चिकित्सा शिक्षक के 15 जुलाई से लगातार लखनऊ में साक्षात्कार चल रहे हैं। 80 लोगों ने आवेदन के बाद इसमें हिस्सा लिया है। काफी कुछ पद इस कवायद में भर जाने की उम्मीद है। जल्द ही कॉलेज की मान्यता को लेकर फिर से आवेदन किया जाएगा। कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इसी सत्र से कक्षा संचालन की कवायद शुरू हो इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज