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Auraiya News: सुनने की जगह दबा दी गई मृत किसान के परिजनों की आवाज

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औरैया। सहायल थाना क्षेत्र के गांव नराही में 18 अक्तूबर की रात किसान आशाराम ने आर्थिक तंगी के चलते फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
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मामले में जिला प्रशासन की ओर से तुरंत प्रेसनोट जारी करते हुए आर्थिक तंगी का खंडन कर शराब पीने व परिजन से विवाद के चलते किसान के आत्महत्या की कहानी गढ़ दी गई। मामले में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने शुक्रवार को सीएम को पत्र लिखकर जिला प्रशासन की मनमानी से अवगत कराया है। पत्र को ट्वीट भी किया है।
गुरुवार को भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष विपिन कुमार राजपूत समेत पीड़ित परिवार व ग्रामीण अनशन पर बैठ गए। मांगों में मृतक किसान के खाते में बताए गए 91 हजार रुपये व एक एकड़ जमीन को लेकर नाराजगी रही। वहीं, मामले में बिधूना तहसीलदार रणवीर सिंह ने डीएम नेहा प्रकाश को किसी के द्वारा गुमराह किए जाने की बात कही गई।
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बताया गया कि बैंक खाते में पेंडिंग कर्ज की सूची पाई गई है। खाते में कोई भी पैसा नहीं पाया गया। जल्दबाजी में जिला प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम को सही ठहराने के लिए सख्ती बरतने के आरोप भी लगे हैं। पीड़ित परिवार व किसान नेताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि उन्हें धमकाया जा रहा है। पीड़ित परिवार के मुताबिक अनशन पर बैठे लोगों को शुक्रवार तड़के तीन बजे के करीब मौके से भगाया गया। सीओ सदर महेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम बिधूना निशांत तिवारी व भारी संख्या में फोर्स पहुंचा। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्हें मुकदमे की धमकी दी गई। टेंट भी हटा दिया गया।
मामले की जानकारी होते ही भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। जिसमें जिला प्रशासन पर मृतक किसान के परिवार व नेताओं को धमकाने व मामले को दबाने का आरोप लगाया है। पत्र में जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए जल्द ही औरैया में पंचायत करने की बात कही गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस फोर्स गांव नराही में तैनात किया गया है। शुक्रवार को पूरे दिन अधिकारियों का गांव आना-जाना लगा रहा। एसडीएम बिधूना, बीडीओ सहार आदित्य तिवारी से लेकर पुलिस के आला अधिकारी देर शाम तक डटे रहे। आरोपों में घिर रहे जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने एक भी बार गांव पहुंचकर फिलहाल पीड़ित परिवार का दर्द समझने का प्रयास तक नहीं किया है। पुलिस से लेकर स्थानीय अमले को लगा दिया गया है। कहीं न कहीं पीड़ित परिवार का दर्द समझने के बजाय मामले को शांत कराने की जद्दोजहद चल रही है।
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गांव नराही के क्षेत्रीय लेखपाल मोहित श्रीवास्तव 19 अक्तूबर को गांव पहुंचे थे। पीड़ित परिवार के मुताबिक क्षेत्रीय लेखपाल मोहित श्रीवास्तव ने बैंक पासबुक से लेकर जमीन के बारे में उच्चाधिकारियों को बताया था। कहीं न कहीं उन्होंने आर्थिक स्थिति के बारे में गुमराह किया। सरकारी दस्तावेजों में जिले के 46752 किसानों ने केसीसी के तहत कर्ज ले रखा है।
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स को मौके पर भेजा गया था। पुलिस की ओर से किसी को भी धमकाया नहीं गया है। आरोप निराधार है। - चारू निगम, एसपी, औरैया।
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