फोटो-1- नाला की गंदगी को ट्रैक्टर-ट्रॉली में डालती जेसीबी।संवाद
- फोटो : टीईटी परीक्षा देकर एमजी कॉलेज से निकलते परीक्षार्थी। संवाद
सहार। कई सालों से गंदगी व कूड़े के ढेर से पटे सियारी नाले में पानी का बहाव ठप है। इससे किसानों के खेतों की सफाई प्रभावित हो रही है। किसानों की शिकायत के बाद सिंचाई विभाग ने जेसीबी की मदद से सफाई शुरू करा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सहार बाजार का अधिकांश कूड़ा इसी नाले में फेंका जाता है। लगातार कचरा डाले जाने से नाला धीरे-धीरे कूड़ेदान में बदलता जा रहा है। बताया गया है कि सियारी नाले का पानी बंसई, फतेहपुर, डिल्लाहार, सोमबशी, सहार, देवीदास, पुरवा दानशाह, पुरवा रावत, पंडपुर व मड़ैयां सहित आधा सैकड़ा गांवों के खेतों में उपयोग होता है।
ऐसे में नाले के अवरुद्ध होने का सीधा असर सिंचाई व्यवस्था और जल निकासी पर पड़ता है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा हर वर्ष सियारी नाले की सफाई कराई जाती है, लेकिन बाजार का कूड़ा लगातार नाले में डाले जाने से स्थिति दोबारा खराब हो जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नाले में कूड़ा न डालें, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारु बनी रहे।