बच्चों एवं महिलाओं में होने वाली सात बीमारियों से प्रदेश को मुक्त करने के लिए अगले चार महीनों में माह की सात तारीख से प्रारंभ होकर सात दिनों तक स्वास्थ्य विभाग विशेष अभियान चलाएगा।
भारत सरकार, यूनीसेफ एवं डब्ल्यूएचओ के इस संयुक्त अभियान का नाम ‘‘इंद्रधनुष ’’ दिया गया है। यह अभियान प्रमुख रुप से दुर्गम स्थानों पर रहने वाली गर्भवती महिलाओं एवं दो वर्ष तक के बच्चों के टीकाकरण के लिए चलाया जाएगा।
वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त राष्ट्र घोषित किया जा चुका है। प्रदेश में आज भी कई जिले ऐसे हैं, जिनमें टीकाकरण की स्थिति चिंताजनक है, इनमें औरैया भी शामिल है। इसी के चलते औरैया को ‘इंद्रधनुष ’ अभियान में शामिल किया गया है। जिले में टीकाकरण को 90 फीसदी तक ले जाने के लिए यह अभियान प्रारंभ किया जाएगा।
इस अभियान को इंद्रधनुष नाम इसलिए दिया गया है, क्योंकि इस अभियान के तहत बच्चों को काली खांसी, गला घोंटू, खसरा, टीवी, पीलिया एवं रतौंधी एवं गर्भवती महिलाओं को टिटनेस के टीके लगाए जाएंगे।
दिबियापुर सीएचसी के अधीक्षक डा. विमल कुमार बताते हैं कि आज भी जोगी, घुमंतू जाति के लोगों एवं ईंट भट्ठों पर पथाई करने वालों में जागरूकता का अभाव है। इसके चलते उनकी गर्भवती महिलाएं एवं छोटे बच्चे टीकाकरण से महरूम रह जाते हैं।
अभियान में स्वास्थ्य उपकेंद्र, आंगनवाड़ी केंद्र कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, आशा कार्यकर्त्रियों का सहयोग लिया जाएगा ताकि अधिकाधिक टीकाकरण हो सके। वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त एवं उत्तर प्रदेश को टिटनेस मुक्त प्रदेश घोषित किया जा चुका है।