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तापमान बढ़ने से बांझ हो रहे पशु

Tue, 12 Apr 2016 12:10 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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घायल गाय मोहिनी - फोटो : amar ujala
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मौसम की मार ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। एक ओर उनकी फसल का उत्पादन गिरा है। वहीं दूसरी ओर उनके पशु भी बढ़ती गर्मी से प्रभावित हो रहे हैं। तापमान अधिक होने से पशुओं में बांझपन की समस्या पैदा हो रही है। ऐसे में दूध बेचकर कर खेती का नुकसान पूरा करने में लगे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं पशु चिकित्सकों का भी कहना है कि तापमान अधिक होने से पशुओं की प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। वह गर्भधारण नहीं कर पाते हैं। गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने से पशुओं में तनाव बढ़ जाता है। इससे उन्हें बेचैनी होती है। इसका असर उनके शरीर पर दिखता है। पशुपालकों के हालात बयां करती रिपोर्ट।
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तापमान का प्रभाव पशुओं की प्रजनन क्षमता और दूध पर पड़ रहा है। प्रजनन के लिए 25-28 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल होता है। लेकिन मौसम में अधिक कर्मी के चलते अब यह तापमान पशुओं को कम मिल पा रहा है। मौजूदा समय में 38-40 डिग्री तापमान चल रहा है। ऐसे में प्रजनन पर स्वभाविक तौर पर प्रभाव पडे़गा।
- डा. बीएस भदौरिया, पशु विज्ञान विशेषज्ञ (एचओडी, जनता महाविद्यालय, अजीतमल)

अधिक तापमान में पशुओं में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो जाता है। इससे शरीर में कई पोषक तत्व कम हो जाते हैं। इसका असर पशुओं की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। पशुओं को गर्भधारण करने में दिक्कत आती है।
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डा. चंदन कुमार शर्मा (मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, औरैया)

इंसेट
बांझपन से रोकथाम के उपाय
- पशुओं को सीधी धूप और लू से बचाकर रखें।
- शरीर का तापमान सामान्य रखने के लिए दिन में पांच बार पानी पिलाएं।
- हर रोज हरा चारा अवश्य खिलाएं, दिन में दो बार अवश्य नहलाएं।
- अधिक गर्मी होने पर पंखे या कूलर की व्यवस्था कर दें।
- बांधने के स्थान पर 25 से 28 डिग्री तापमान रखें।

 
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