औरैया। मानसून की दस्तक के साथ ही ग्रामीण इलाकों में सांप निकलने और उनके डसने की घटनाओं में इजाफा हो रहा है।
इस गंभीर समस्या को देखते हुए 50 शैया जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों को जागरूक करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सांप के डसने पर झाड़-फूंक से बचें और मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं।
चिकित्सकों के मुताबिक सांप के डसने के बाद का शुरुआती एक घंटा (गोल्डन ऑवर) बेहद कीमती होता है। इस दौरान अगर मरीज को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। जागरुकता की कमी के कारण लोग आज भी झाड़-फूंक और अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर समय बर्बाद कर देते हैं, इससे जहर पूरे शरीर में फैल जाता है और मरीज दम तोड़ देता है।
डॉक्टर के अनुसार सांप के डसने पर मरीज को सीधा लिटा दें और उसे शांत रखने की कोशिश करें। मरीज को पैर या शरीर के किसी भी हिस्से को हिलाने-डुलाने न दें। चलने या दौड़ने से ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है, इससे जहर बहुत तेजी से दिल और दिमाग तक पहुंचता है। बिना एक पल भी गंवाए मरीज को नजदीकी सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचें और वहां एंटी स्नेक वेनम लगवाएं।
समय पर अस्पताल ले जाएं
बारिश के मौसम में सांप बिलों से बाहर निकल आते हैं। अगर किसी को सांप डस ले तो सबसे पहला काम मरीज को स्थिर करना है। उसे पैदल बिल्कुल न चलाएं। घबराहट में जहर तेजी से फैलता है। झाड़-फूंक के चक्कर में जरा भी देर हुई तो मरीज की जान जा सकती है। सही समय पर अस्पताल आना ही एकमात्र बचाव है। - डॉ. अवधेश, चिकित्सक 50 शैया अस्पताल, औरैया
अस्पताल में सांप डसने के इलाज और एंटी स्नेक वेनम के इंतजाम हैं। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ भी है। जनता से अपील है कि वे किसी भी तरह के अंधविश्वास में न आएं। मरीज को सीधे अस्पताल लाएं ताकि सही समय पर सही उपचार देकर उसकी जान बचाई जा सके। - डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, सीएमएस, 50 शैया अस्पताल, औरैया