औरैया। शहर में अधूरे नाले जलभराव का संकट बढ़ा रहे हैं। पानी की निकासी न होने से खाली पड़े प्लॉटों में बारिश का पानी भर रहा है।
करीब दो माह से नाले का निर्माण भी बंद है। इससे जलभराव का संकट और गहराने लगा है। तेज बारिश से बाईपास पर बसी करीब चार हजार की आबादी जलभराव की समस्या से जूझेगी।
जनसुविधाएं बढ़ाने के लिए नगर पालिका से विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये बजट खर्च होता है। इसमें पेयजल, सफाई व जल निकासी के कार्य प्राथमिकता में शामिल हैं। लोगों को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका से नाला निर्माण स्वीकृत किया गया था।
इससे लोगों को उम्मीद थी कि जून तक नाला बनने से इस बार बरसात में जलभराव का सामना नहीं करना पड़ेगा। पालिका ने समय से नाला निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया। इसके बाद निर्माण में लापरवाही हो गई।
दिबियापुर बाईपास पर सड़क किनारे कुछ दूर नाला निर्माण कराने के बाद छोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब दो माह से निर्माण कार्य बंद है। हालात यह हैं कि नाला निर्माण एक किनारे से न करवाकर बीच से शुरू किया गया और बीच में ही बंद हो गया है। इससे मोहल्लों का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है और जलभराव का संकट और गहरा गया।
दो दिन पहले हुई बारिश में पानी की निकासी न होने से खाली पड़े प्लॉट तालाब नजर आने लगे हैं। बारिश अधिक होने पर नाला निर्माण भी पूरा होते नहीं दिख रहा है। इससे जलभराव का संकट और गहराने के आसार हैं।
नगर पालिका औरैया के अधिशासी अधिकारी रामआसरे कमल ने बताया कि नाला निर्माण का काम चल रहा है। काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही नाला निर्माण पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।
नाला निर्माण में अवैध कब्जे बने बाधक
औरैया-दिबियापुर मुख्य मार्ग के किनारे नाला निर्माण अधूरा पड़ा है। यहां तो कई स्थानों पर नाला निर्माण में अतिक्रमण रोड़ा बन रहा है। एक मकान के सामने नाले की जमीन पर ही निजी निर्माण होने से नाला निर्माण का काम रोक दिया गया है। इसी तरह कई स्थानों पर अतिक्रमण नाला निर्माण में बाधा डाल रहा है। यदि अतिक्रमण हटाकर नाला निर्माण पूरा न किया गया तो जलभराव की समस्या और गहराएगी।