औरैया। सरकारी एंबुलेंस 102 व 108 की सेवा देने के नाम चक्कर बढ़ाए जाने की जांच में बड़ी गड़बड़ी की आशंका है। जांच में पता चला कि रजिस्टर्ड 40 फीसदी मोबाइल नंबरों से संपर्क ही नहीं हो सका। स्वास्थ्य विभाग जांच रिपोर्ट शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है।
महानिदेशक परिवार कल्याण ने मनमाने ढंग से 102 व 108 एंबुलेंस के फेरे बढ़ाए जाने की जांच का आदेश जारी किया था। हवाला दिया गया कि जिलों में चल रही एंबुलेंसों में फर्जी तरीके से मरीज दर्शा कर अस्पतालों लाने और ले जाने में चक्कर बढ़ाने की शिकायत शासन को मिल रही थी।
जांच की जिम्मेदारी एडी हेल्थ जीके मिश्रा को सौंपी गई। उनके नेतृत्व में औरैया में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बीते फरवरी, मार्च व अप्रैल माह तक एंबुलेंस से आने व जाने वाले मरीजों की सूची तैयार की।
तीन माह में कंपनी को हुए भुगतान, वास्तवित मरीजों की संख्या, पीसीआर में अंकित आधार कार्ड नंबर व मोबाइल नंबर का मिलान किया गया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हजारों की संख्या में पीसीआर में मोबाइल नंबर अंकित मिले।
जब उन नंबरों पर कॉल की गई तो 40 प्रतिशत मोबाइल नंबर या तो बंद या पहुंच से बाहर बताते मिले। पीसीआर में अंकित कुछ रिकार्ड में आशाओं के नंबर भी दर्ज मिले हैं। इससे विभाग को फर्जी फेरे बढ़ाए जाने की आशंका है।
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सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास मोबाइल फोन न होने से आशाएं एंबुलेंस को कॉल करके बुलाती हैं। कभी-कभी जरूरत पड़ने पर वह खुद भी कॉल करती हैं। जिन नंबरों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनकी सत्यता पता करने का प्रयास किया जा रहा है।