औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भीखापुर में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने कुछ नामजद आरोपियों सहित दस लोगों को उठाया है। उनसे पुलिस पूछताछ कर रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
भीखापुर में शिक्षामित्र रामवीर सिंह की सोमवार शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके हत्यारोपी अरुण सिंह उर्फ बबलू की लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस मामले में एक पक्ष से रामवीर के बेटे दिनेश सिंह ने नौ लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं अरुण के चचेरे भाई नरेंद्र सिंह ने 10 लोगों को नामजद किया है। मंगलवार देर शाम दोनों के शवों का पुलिस की कड़ी निगरानी में पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार किया गया था। इसके बाद से पुलिस ने हत्यारोपियों की धरपकड़ शुरू की। पुलिस ने रात में भीखापुर और औरैया शहर में कई स्थानों पर दबिश देकर 10 लोगों को पकड़ा। सभी से पुलिस अलग-अलग ठिकानों पर ले जाकर पूछताछ कर रही है। कुछ नामजद आरोपियों को कोतवाली में रखा गया है। हालांकि पुलिस अभी कुछ कहने से बचती नजर आ रही है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच के साथ ही हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
अभी गांव में तैनात है पुलिस
दोहरे हत्याकांड से सबक ले चुकी पुलिस अब कोई चूक नहीं करना चाहती है। गांव के माहौल और घटना के बाद आक्रोश को देखते हुए बुधवार को भी गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इधर अरुण के घर ब्रह्मनगर को जाने वाली गली में भी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस दोनों मृतकों के घर आने वाले लोगों पर नजर बनाए हुए है। इधर गांव के लोगों की चहल कदमी पर भी नजर है। बाहरी लोगों के आने पर विशेष नजर रखी जा रही है।
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पुलिस के हाथ लगी रायफल की नाल
रामवीर की हत्या के बाद हत्यारोपी अरुण रायफल लेकर भागा था। गांव के लोगों ने उसके पकड़ा और पीट-पीट कर मार डाला। जिस जगह पर अरुण का शव मिला था। उससे कुछ दूरी पर पुलिस को रायफल की बट टूटी पड़ी मिली थी। मगर पुलिस नाल बरामद नहीं कर सकी थी। पुलिस रायफल की नाल बरामदगी के लिए घटना के बाद से जुटी थी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस के हाथ रायफल की नाल लगी है।