अछल्दा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत आशा में ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव में खड़ी टंकी से पानी लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे 500 लोग कुएं और हैंडपंप के सहारे प्यास बुझाने को मजबूर हैं।
ग्राम पंचायत आशा के खेरे पर लगभग 80 घर हैं। इन घरों के बाहर पाइप लाइन तो बिछा दी गई है लेकिन टोटी तक नहीं लगाई गई। पाइप बेकार पड़े हैं और ग्रामीणों को पीने का पानी लेने के लिए दूर जाना पड़ रहा है। गर्मी में महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
परेशान ग्रामीण जगदीश, सुरजन, अमर सिंह, परशुराम भदौरिया, संतोष, जयवीर व सुखलाल सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के लापरवाह रवैये के कारण हर घर नल योजना उनके गांव में फेल हो गई है। भीषण गर्मी में प्यास बुझाने के लिए गांव के लोगों को कुओं व हैंडपंपों की दौड़ लगानी पड़ती है।
ग्रामीणों ने डीएम जलापूर्ति शुरू कराने की गुहार लगाई है। जल निगम के अधिशासी अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि टीम को भेज कर जल्द पानी सप्लाई शुरू कराई जाएगी।
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लोग बोले-पानी की किल्लत है
जल जीवन मिशन के तहत गांव में टंकी निर्माण के साथ पाइप लाइन बिछा दी गई। इससे लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी की किल्लत खत्म हो जाएगी। यह उम्मीद विभागीय लापरवाही से धरी की धरी रह गई।- जिलेदार सविता
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गांव में घरों के बाहर पाइप लगा दिए गए हैं लेकिन उनमें टोटियां नहीं लगाई हैं। ऐसे में पानी की आपूर्ति भी शुरू नहीं हुई है। गांव के लोग इन पाइपों से पानी की बूंद टपकने का इंतजार कर रहे हैं।
संतोष कुमार
फोटो-05-गांव के कुआं से पानी खींचती महिला।संवाद