पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों ने भले ही थाना व चौकियों में साफ-सफाई का फरमान जारी किया हो, लेकिन शहर की चौकियों में यह फरमान हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अमर उजाला टीम ने शहर में संचालित चौकियों पर नजर डाली तो हकीकत कुछ और ही बयां कर रही थी। पेश है पुलिस चौकियाें की पोल खोलती एक रिपोर्ट---
ताला बना रखवाला- नारायनपुर पुलिस चौकी संवेदनशील श्रेणी में है। इस संवेदनशील पुलिस चौकी की पोल उस समय खुल गई, जब वहां ताला लटका मिला। एक-दो फरियादी इस इंतजार में थे कि कब चौकी का ताला खुले और वे अपनी समस्या बता सकें। काफी देर तक चौकी में जब कोई नहीं आया तो वह वापस लौट गए।
कैमरे का फ्लैश चमका ही था कि एक एएसआई आए। कहा कि भाई हमको हट जाने दो, फिर फोटो खींच लो, अब हमें इस चौकी से क्या लेना-देना। हम तो हल्का नंबर चार में हैं।
टूटे दरवाजे, गंदगी बढ़ा रही शान - इंडियन आयल चौकी पर इंचार्ज तो काम करते मिले, लेकिन चौकी के आसपास गंदगी फैली हुई थी। यहां साफ-सफाई करवाने को कोई आगे नहीं आ रहा है। उच्चाधिकारियों द्वारा थानों व चौकियाें में साफ-सफाई रखे जाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
..आखिर कब पहुंचेंगे कोतवाली में वाहन - इंडियन आयल पुलिस चौकी के बाहर तीन-चार दुघर्टनाग्रस्त वाहन कई साल से खड़े हैं। इन वाहनों के आधे पुर्जे गायब हो चुके हैं। वाहनों को सही सलामत ढंग से कोतवाली तक नहीं पहुंचाया जा सका है।
एसपी इन वाहनों को कोतवाली पहुंचाने के निर्देश भी दे चुके हैं, लेकिन इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिए हैं।
उच्चाधिकारियों ने थानों व चौकियों में साफ-सफाई व चौकियों पर इंचार्ज को मौजूद होने के निर्देश दिए गए हैं। अगर संबंधित पुलिसकर्मी चौकियाें पर उपस्थित एवं साफ-सफाई करवाने में लापरवाही बरत रहा है तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मनोज तिवारी, एसपी