औरैया। ब्लड बैंक की शुरुआत न होने पर शहर के लोगों में आक्रोश है। लोगों में पनप रहा आक्रोश किसी भी दिन सड़क पर देखने को मिल सकता है। मंगलवार को शहर में युवाओं से हुई बातचीत में देखने को मिला कि यदि शीघ्र ब्लड बैंक का शुभारंभ न किया गया तो युवा वर्ग सैकड़ों की संख्या में जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
ब्लड बैंक को लेकर जिले में उठी आवाज एक महीने से आंदोलन का रूप लेने लगी है। शहर ही नहीं बल्कि कस्बों और ग्रामीणों में लोगों की मांग ब्लड बैंक बन चुका है। गांव के लोगों की मानें तो सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को तब होती है जब उनके सामने खून न मिलने की समस्या आती है। गांव से पहले जिला अस्पताल और फिर जिला अस्पताल से उन्हें सैफई व कानपुर के लिए रेफर किया जाता है। मंगलवार को शहर के कुछ युवाओं से ब्लड बैंक के संबंध में बात की गई। जिसमें युवाओं ने एक स्वर में कहा कि यदि शीघ्र ही जिले के स्वास्थ्य अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर ब्लड बैंक की इस समस्या का हल नहीं निकालते है, तो जिले के युवा मिलकर इस हल को खोजने के लिए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। यह धरना प्रदर्शन हंगामेदार होगा। हंगामेदार धरना प्रदर्शन को देखकर अधिकारियों को ब्लड बैंक की समस्या का हल करना ही होगा।
शहर के मोहल्ला गढ़ैया निवासी गनेश वर्मा ने बताया कि हाईवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में अधिकांश घायलों को चिकित्सक बिना जांच पड़ताल किए ही रेफर कर देते है। इसका मुख्य कारण ब्लड बैंक का जिले में संचालन न होना है।
शिक्षक अवधेश कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक न होने से जिले में किसी तरह के आपरेशन नहीं हो रहे हैं। छोटे बीमारी के आप्रेशन जिले में न होने से मरीजों को कानपुर जैसे अस्पतालों में जाना पड़ता है। जनता परेशानी के साथ उनका शोषण भी किया जा रहा है। मरीजों को राहत के लिए अधिकारी ब्लड बैंक की शुरुआत कराएं।
अनूप कुमार ने बताया कि जिले में कई आप्रेशन ब्लड बैंक न होने के चलते नहीं हो पा रहे है। यदि जिले में आप्रेशन होने लगे तो जिले का विकास तेजी से होगा। जिले का विकास तेजी से न होने का एक और कारण ब्लड बैंक का न होना है। ब्लड बैंक की शुरूआत होने से कई आप्रेशन जिले में होगा और बाहरी जिले के लोग भी यहां आने शुरू होंगे।
युवा अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला ने बताया कि जिले में ब्लड बैंक को लेकर आवाज सालों पुरानी है। यह आवाज इस बार थमती नहीं दिख रही है। युवाओं में भी ब्लड बैंक को लेकर आग भड़कने लगी है। शीघ्र ही यदि ध्यान न दिया गया तो यह आग मुख्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन के रूप में देखने को मिलेगा।