फोटो-25एयूआरपी 01- हरचंदपुर में गिरी पड़ी धान की फसल। संवाद
औरैया। फसलों पर मौसम की मार अक्सर देखने को मिलती है। मौजूदा समय में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है। पिछले दिनों हुई बारिश में जिले के कुछ हिस्सों में धान की फसल खेत में ही गिर गई। वहीं अब यदि दोबारा से बारिश दस्तक देती है तो तेज हवा के बीच फिर से धान की फसल गिरने की संभावना बढ़ जाएगी। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार बारिश की संभावना अक्तूबर में है। ऐसे में धान की फसल पर संकट है। वहीं, उन किसानों के लिए ये मौसम सटीक बना है, जिन्हें सरसों की बोआई करनी है।
तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने इस समय लोगों को बेहाल कर रखा है। बारिश न होने के कारण मौसम में तपन लगातार बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार की तुलना में बुधवार को तापमान में एक डिग्री की वृद्धि होने से लोगों ने और गर्मी का एहसास किया। कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट का कहना है कि एक से चार अक्तूबर के बीच बारिश होने की संभावना है। फिलहाल बारिश न होने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ेगा।
किसानों के बीच मौजूदा मौसम को लेकर अलग-अलग राय है। धान की फसल अब अंतिम दौर में है। बाली होने की वजह से फसल बारिश व तेज हवा के साथ गिर सकती है। इससे उत्पादन में गिरावट आ सकती है। पिछले दिनों हुई बारिश व तेज हवा के साथ बाली पर आई धान की फसल खेत में ही गिर गई थी। यदि बारिश ने दोबारा दस्तक दी तो धान की फसल पर फिर से संकट गहराएगा। किसान राजीव सिंह, सुरेन्द्र सिंह, सत्यवीर सिंह, सतेन्द्र सिंह, रामवीर यादव, मनोज यादव का कहना है कि यदि आगे बारिश नहीं होती है तो धान की तैयार फसल भी सुरक्षित रहेगी, क्योंकि बारिश होने अगर हवा चली तो धान फसल व बाजरे की फसल में अधिक नुकसान होगा। कुछ दिन पहले हुई बारिश में पहले की लगी धान की फसल खेतों में गिर गई। इससे किसानों नुकसान हुआ है। सरसों की बुवाई के लिए अब समय अच्छा है।