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एमएलसी के बाड़े में गिरी एचटी लाइन, हादसा टला

Wed, 17 Aug 2016 12:59 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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टूटे एचटी लाइन के तार को देखते एमएलसी डा.कमलेश पाठक व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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जिले में जर्जर एचटी लाइन के तारों के टूटने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को एक बार फिर से एचटी लाइन का तार टूटने से बड़ा हादसा टला। यह तार एमएलसी डा. कमलेश पाठक के बाड़े के ऊपर से गुजरे थे। घटना को संज्ञान में लेते हुए एमएलसी ने तत्काल डीएम को जानकारी देने के बाद एमडी दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड से बात कर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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रविवार को डीएम के गोद लिए गांव लछियामऊ में हुई घटना को लोग अभी भूल भी नहीं पाए थे कि मंगलवार को एक बार फिर से हादसा होते-होते टला। सत्ता पक्ष के एमएलसी डा. कमलेश पाठक के बाड़े में ऊपर से निकली जर्जर एचटी लाइन का तार टूटकर गिरने से हड़कंप मच गया। घटना के दौरान एमएलसी व उनके मिलने वाले लोग तार टूटने से महज 50 मीटर की दूरी पर ही बैठे थे। अचानक तार टूटते देख पास में खड़े लोग भाग खड़े हुए। तार टूटने के बाद लगभग पांच मिनट तक जमीन पर चिंगारियां निकलती रहीं।

वहीं इंसुलेटर पिघलकर जमीन पर गिर पड़ा। हादसे के कुछ देर बाद एमएलसी ने डीएम माला श्रीवास्तव को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण खंड के एमडी एसवीएस राठौर को फोन पर नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल लापरवाह अधिकारियों के ऊपर कार्रवाई किए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि कई बार बिजली अधिकारियों से तार बदलने को कहे जाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने 9 अगस्त को अपने लेटर हेड पर समस्या की जानकारी विभाग को दी थी। एक्सईएन की ओर से पत्र की रिसीविंग दिए जाने के एक सप्ताह बाद भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
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घटना के बाद भेजी नई एबीसी केबिल
बिजली विभाग की ओर से एचटी लाइन का तार बदलने में की गई लापरवाही का खुलासा इसी से होता है कि एमएलसी कमलेश पाठक के बाड़े में तार टूटने के एक घंटे बाद नया तार बदलने को विभाग की ओर से एबीसी प्लास्टिक कोटेड तार भेज दिया गया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या विभाग जानबूझकर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा था। अगर ऐसा नहीं तो फिर केबिल मौजूद होने के बाद भी एक सप्ताह तक तार क्यों नहीं बदला गया।
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