सहार। ब्लॉक परिसर में शनिवार को हर कोई घरौनी वितरण कार्यक्रम में मशगूल था। सभी पीएम के वर्चुअल कार्यक्रम को देखने में लीन थे। तभी एकाएक ब्लॉक के सामने झुंड में 100 से ज्यादा मवेशियों को खदेड़ते हुए किसान पहुंचे।
यह देख अधिकारी, जनप्रतिनिधि व मौजूद लोग सकते में आ गए। हालातों को समझकर ब्लॉक गेट का दरवाजा बंद करा दिया गया। बाहर कर्मियों की तैनाती कर दी गई। खलबली देख सामने थाना का फोर्स भी पहुंच गया और किसानों को समझाने का प्रयास किया। यहां पर किसान कुछ सुनने नहीं आए थे, छुट्टा मवेशियों को साथ लाकर अपनी समस्या बताने आए थे।
शनिवार को सहार ब्लॉक में स्वामित्व योजना के तहत घरौनी वितरण का कार्यक्रम चल रहा था। ब्लॉक प्रमुख आकाश सिंह समेत बीडी राजनरायण पांडेय व काफी संख्या में लोगों की मौजूदगी थी। इसी बीच बड़ी संख्या में किसान आवारा मवेशियों को लेकर ब्लॉक कार्यालय की ओर बढ़े। सड़क पर खदेड़े जा रहे इन मवेशियों को लेकर खलबली की स्थिति रही। किसानों का कहना था कि आवारा मवेशियों के कारण उनकी फसलों को नुकसान हो रहा है। उन्हें रात-रात भर खेतों में जागकर उनकी रखवाली करनी पड़ रही है।
पंडपुर निवासी बलवीर सिंह सेंगर ने कहा कि लगातार रात-दिन खेतों में रहकर फसल की रखवाली करनी पड़ रही है। पूर्वा रावत निवासी शिव कुमार शाक्य ने बताया कि आवारा पशुओं के कारण उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इस दौरान किसानों ने ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) राज नारायण पाण्डेय से लिखित शिकायत की। किसानों ने बताया कि यह समस्या नई नहीं है और पहले भी इसके समाधान की मांग कर चुके हैं। गेट पर सहार थाना प्रभारी अजय कुमार ने किसानों से बातचीत की। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख आकाश सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आवारा पशुओं को सौथरा और हरपुरा गांव में बनाए गए अस्थायी आश्रय स्थलों पर भेजा जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में पंडपुर, पूर्वा तरा, पूर्वा रावत, देवीदास, मदारी पूर्वा सहित अन्य गांवों के किसान शामिल रहे। किसानों में रामचंद्र, रामनरेश, रोहित अग्निहोत्री, हरगोविंद, पप्पू सेंगर, सुबोध, मूलचंद, राजनारायण, सुशील, और पप्पू दिवाकर ने अपनी समस्या रखी।