फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घंटों चला बवाल, पुलिस के पसीने छूटे

Fri, 17 Aug 2018 12:42 AM IST
घंटों चला बवाल, पुलिस के पसीने छूटे
विज्ञापन
हंगामा करने वालों पर लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : amarujala
विज्ञापन
बिधूना (औरैया)। कुदरकोट में साधुओं की हत्या से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश पनप उठा था। सुबह से दोपहर पौने दो बजे तक पुलिस और पब्लिक के बीच आमना-सामाना होता रहा।
विज्ञापन

 सुबह सवा आठ बजे बिधूना-कुदरकोट पर जाम के बाद पुलिस पहुंची तो लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में गोकशी के विरोध पर हत्या हुई है। पुलिस ने साधुओं की शिकायतों को कभी गंभीरता से नहीं लिया। 10 बजे एएसपी पहुंचे तोभी बात नहीं बनी। आधे घंटे बाद एसपी पहुंचे और लोगों को समझाने  प्रयास किया। इसके बाद मामला गरम हो गया। लोगाें ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने लाठी पटककर खदेड़ा तो बवाल बढ़ गया। फिर चार घंटे तक भीड़ ने जमकर उपद्रव किया। कुछ राहगीर भी पिट गए। दुकानों में तोड़फोड़ शुरू हो गई। भीड़ को काबू में करने में पुलिस  के पसीने छूट गए। बाद में बमुशि्कल माहौल शांत हुआ।

इनसेट
सुरक्षा घेरे में रहा कुदरकोट गांव
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। कुदरकोट में साधुओं की हत्या और बवाल के बाद गुरुवार को कड़ी सुरक्षा रही। प्रशासन पूरी तरह चाक चौबंद नजर आया। मंदिर को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है तो वहीं कुदरकोट छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस के चलते कसबे का बाजार बंद रहा। मंदिर की 200 मीटर परिधि में आने वाले मकान के लोग दहशत में कहीं चले गए है।   गुरुवार की सुबह लोग घरों से रोज की तरह नहीं निकले। मंदिर में सुरक्षा की दृष्टि से चार सिपाही, दो हेड कांस्टेबल, डेढ़ बटालियन पीएसी लगाई गई। मंदिर में कोई पूजन के लिए भी नहीं पहुंचा। दुकानदार बाजारों में अपनी दुकानें खोलने नहीं पहुंचे।
विज्ञापन

एएसपी ने चौकी पर डाला डेरा घटना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक आरके सक्सेना ने कुदरकोट चौकी पर अपना डेरा जमा लिया है। वह क्षेत्र में निरीक्षण पर निकलने और वापस चौकी पहुंचे। उन्होंने कसबा पहुंचेे नेताओं व अन्य लोगों से मुलाकात की और तूल न देने की हिदायत दी।
एसडीएम की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कारः गुरुवार को उप जिलाधिकारी विजय प्रताप, क्षेत्राधिकारी भास्कर वर्मा की मौजूदगी में मृतक लज्जाराम के एरवाकटरा स्थित गांव बजरहार में शव का अंतिम संस्कार किया गया। उधर दूसरे साधु हरभजन दास की अंत्येष्टि इटावा सि्थत पैतृक गांव बकेवर के खितौरा गांव में हुआ।
घायल साधु की हालत में सुधार
कुदरकोट कांड में संत रामशरण को गंभीर हालत में सैफई रेफर किया गया। वहां के डाक्टरों के मुताबिक हालत खतरे से बाहर है। अधिकारियों का कहना है कि रामशरण से बयान नहीं लिए जा सके हैं।

इनसेट
दोहरे हत्याकांड ने    दिलाई 2007 की याद
बिधूना (औरैया)।  कुदरकोट के भयानक नाथ मंदिर में 14 अगस्त की रात को दो पुजारियों की हत्या और एक पुजारी को घायल कर देने की घटना ने वर्ष 2007 के दिनों की याद गांव के लोगों को दिलाई। गांव के लोगों की मानें तो मंदिर में 2007 में रहने वाले एक पुजारी की अज्ञात हमलावरों ने हत्या कर दी थी। इसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। यही नहीं इस मंदिर में रहने वाले दो अन्य पुजारी भी रात के समय अचानक गायब हो गए थे। जिनकी आज तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। गायब हुए इन पुजारियों के परिजन भी हैरान थे कि आखिर में मंदिर से पुजारी गायब कहां हो गये। पुजारियों के गायब होने पर लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं भी हुई थीं। स्थानीय बुद्धिजीवियों ने मामला शांत करा दिया था।

सीएम की ओर से मुआवजा देने की चर्चा, पुष्टि नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बिधूना (औरैया)। सूचना विभाग की साइट पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मृतक साधुओं के परिजनों को पांच-पांच लाख व घायल को एक लाख रुपये आर्थिक सहायता देेने का लेटर अपलोड किया गया। हालांकि डीएम की ओर से पुष्टि नहीं की गई।
 वहीं एसपी के मुताबिक डीजीपी और प्रमुख  सचिव को 48 घंटे के अंदर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश का भी मैसेज वायरल हुआ। एसपी के मुताबिक उनके पास भी इस तरह का कोई लेटर नहीं आया।
 घटना की जानकारी पर पूर्व मंत्री विनोद यादव कक्का, पूर्व विधायक प्रदीप यादव, दिनेश वर्मा गुडडू, पुर्व विधायक प्रमोद कुमार गुप्ता एलएस, भाजपा जिलाध्यक्ष गीता शाक्य, औरैया के प्राभारी अशोक दुबे सहित कई नेता घटना स्थल पर पहुंचकर जानकारी की और परिजनों को सांत्वना दी।
इनसेट
आक्रोशित लोगों को आरोप, लज्जाराम पुलिस को देते थे पशु वध की सूचना
बिधूना (औरैया)। आक्रोशित लोगों का कहना है कि क्षेत्र में हो रही पशु वध की जानकारी लज्जाराम द्वारा पुलिस को दी जाती है। इससे एक वर्ग खफा था और उसी के चलते ही इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना से आक्रोशित लोगों ने बताया कि मंगलवार की रात कुदरकोट चौकी पुलिस को सूचना दी गई थी कुछ मवेशी वध के लिए ले जाए जा रहे हैं। इस पर पुलिस ने छापेमारी की तो खेरे के पीछे से छह मवेशी को लेकर जाते हुए छह लोग दिखे। पुलिस को देख चार लोग मवेशी को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। पुलिस ने दो लोगों को मवेशी वध के सामान के साथ गिरफ्तार किया। लोगों ने आशंका जताई कि इसी घटना से आक्रोशित होकर फरार साथियों ने मिलकर साधुओं की हत्या की वारदात को अंजाम दिया। लोगों के मुताबिक लज्जाराम क्षेत्र में मवेशियों के अवैध वध का विरोध करते थे।
दबिश में यह गए थे पकड़े
बिधूना (औरैया)। पुलिस ने मंगलवार की रात करीब 2 बजे अलोपा देवी मंदिर के पीछे बबूल की झाड़ियों के पास छापा मारा। झाड़ियों में छह मवेशी बंधे थे। पुलिस ने मौके से तौफीक पुत्र जब्बर, शहनवाज पुत्र मोहम्मद चांद निवासी कुदरकोट थाना बिधूना को पकड़ा। चार लोग फरार हो गए। पूछताछ में पता चला कि चार लोग फरार हो गए। जिनके नाम जब्बर पुत्र रमजानी, शहजाद उर्फ मजनू पुत्र मोहम्मद व मजनू पुत्र असगर व एक  अन्य बताया। पुलिस को मौके से एक-एक छुरी व एक कुल्हाड़ी मिली। दोनों को जेल भेज दिया गया है।
खोजी कुत्ता वध स्थल तक ले गया
बिधूना (औरैया)। हत्याकांड का सुराग तलाशने के लिए फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की और फिंगर प्रिंट आदि लिए। खोजी कुत्ता भी बुलाया गया। खोजी कुत्ता काफी देर तक मंदिर व आसपास घूमता रहा। इसके बाद मंदिर से कुछ दूर स्थित उस स्थान पर ले गया जहां मवेशियों का वध किया जाता था। मौके पर एक गड्ढे से एक  ट्राली हड्डियां बरामद कीं। बताया जा रहा है कि यह हड्डियां पशुओं की हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें