औरैया। इंडो-इस्राइल प्रोजेक्ट के तहत जनपद में दो हाईटेक नर्सरी विकसित की जाएगी। करीब 1.62 करोड़ रुपये में विकसित होने वाले एक-एक नर्सरी के लिए प्रस्ताव भेजे गए थे। इनमें से ग्वारी कृषि विज्ञान केंद्र के पास एक नर्सरी के बनने की स्वीकृति मिल गई है।
किसानों को कम लागत में अधिक लाभ दिलाने के लिए पौधरोपण की नई तकनीकी की नई योजना पर काम शुरू हुआ है। इसके तहत जिले में दो हाईटेक नर्सरी स्थापित की जाएगी। नई पौधशालाओं में फल सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी। इससे पैदावार के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ेगी। कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी में बनने वाली नर्सरी के लिए स्वीकृति मिल गई है। जबकि सहार ब्लॉक के गुलरिया में अभी जगह तय नहीं हो सकी है।
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हाईटेक पौधशाला का निर्माण उद्यान विभाग की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार विदेशी तकनीक पर किया जाएगा। नर्सरी का रखरखाव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कलस्टर लेबल फेडरेशन के माध्यम से होगा। योजना के तहत स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों व आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार फल जैसे अनार, कटहल, नीबू, आम, अमरूद आदि व सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी।
क्या होती है इंडो-इस्राइल तकनीकी
इस्राइल में पॉली हाउस, नेट हाउस और प्लास्टिक आदि का प्रयोग कर नर्सरी को विकसित किया जाता है। इस नर्सरी में महंगे हाइब्रिड बीज 90 से 95 फीसदी उगकर जड़ों से काफी मजबूत होते हैं। जो सामान्य नर्सरी में 60 से 65 फीसदी ही उग पाते है। इसके साथ इसमें पशु, पक्षियों और मिट्टी आदि में बीजों के बेकार होने की संभावना काफी कम हो जाती है। जिसे इंडो इस्राइल तकनीक कहा जाता है। इसी तकनीकी का जिले में इस्तेमाल नई नर्सरी में किया जाएगा।
प्रदेश सरकार पौधशाला सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रही है। योजना से पौधशालाओं में जुड़े किसानों के दिन बहुरेंगे और उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी। जिले में कृषि विज्ञान केंद्र ग्वारी एक पौधशाला का चयन किया जा चुका है। टेंडर निकाला जा चुका है। जल्द काम शुरू होगा। एक पौधशाला के लिए जगह की तलाश की जा रही है। - धर्मेंद्र कुमार, जिला उद्यान निरीक्षक