औरैया। हर माह की 9 तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिला की पहले कोरोना जांच की जाएगी। सीएमओ की तरफ से गठित जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम प्रत्येक पीएमएसएमए इकाई पर भ्रमण करेगी।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि टीम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपमुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक, जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता व डीएमसी, यूनीसेफ शामिल हैं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं को तीन आधार पर पहचाना जाता है। पूर्व में प्रसव की जांचों के रिकॉर्ड के आधार पर, गर्भावस्था में गंभीर परिस्थितियों के आधार पर और ब्लडप्रेशर, लीवर आदि से संबंधित बीमारियों के आधार पर पहचान की जाती है।
उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में मां या उसके भ्रूण के स्वास्थ्य व जीवन को खतरा होता है। जहां जटिलताओं की आशंका अधिक होती है, उस गर्भावस्था को हाई रिस्क प्रेगनेंसी या उच्च जोखिम वाली गर्भवस्था में रखा जाता है।
सभी गर्भवती महिलाओं की प्रसव के पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर (ओजीटीटी) यूरीन, ब्लड ग्रुप , एचआईवी, सिफलिस, वजन, ब्लड प्रेशर, अल्ट्रासाउंड एवं अन्य जांचें निशुल्क होंगी। टिटनेस का टीका, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं भी निशुल्क मिलेंगी।