संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। पीडब्ल्यूडी की ओर से कई बार टूट चुके दिबियापुर कस्बे में लगे हाइटगेज को शनिवार को वेल्डिंग कराते हुए स्थायी कर दिया। इसके साथ ही कंचौसी में जमौली स्थित ब्रह्मदेव मंदिर के पास भी हाइटगेज लगा दिया गया।
ऐसे में बिधूना क्षेत्र में जाने वाले मालवाहकों के लिए दोनों ही रास्ते बंद हो गए हैं। मालवाहकों को अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होकर बिधूना क्षेत्र में जाना होगा। ऐसे में मालवाहकों का 60 किलोमीटर (किमी) का चक्कर बढ़ जाएगा। जाम व हादसे की आशंका के लिहाज से उठाया गए इस कदम को लेकर अब व्यापारी चिंतित नजर आ रहे हैं। वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
जालौन व झांसी से बड़े पैमाने पर मालवाहकों के जरिये गिट्टी व मौरंगकी मालढुलाई होती है। औरैया समेत फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात तक ट्रक डंपर जाते हैं। दिबियापुर कस्बा में करीब छह माह पहले रेलवे ओवरबि्रज से पहले व नहर पुल पर हाइटगेज लगाए गए थे।
इसका व्यापारियों ने विरोध किया था। वाहनों के आवागमन के बीच ये हाइटगेज कई बार टूट गए, लेकिन फिर लगा दिए गए। ऐसे में मालवाहकों ने समाधानपुर्वा होते हुए कंचौसी के रास्ते जाने का नया विकल्प तैयार कर लिया था।
उधर, शनिवार रात इन दोनों रास्तों पर मालवाहकों की इंट्री को पूरी तरह से बाधित कर दिया गया। कंचौसी में जमौली ब्रह्मदेव मंदिर के पास भी हाइटगेज लगा दिया गया।
अब दिबियापुर के दक्षिणी छोर पर सहार, सहायल, बेला, कन्नौज, कानपुर देहात, कन्नौज व फर्रुखाबाद के लिए जाने वाले मालवाहकों पर रोक लग गई है। इन जगहों के लिए जाने वाले अब जालौन से आने वाले मालवाहकों को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाना होगा। यहां उन्हें टोल के साथ ही 60 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ेगा। ऐसे में मालढुलाई बढ़ जाने से गिट्टी व मौरंग के भाव भी बढ़ जाएंगे।
फोटो- 30- दिबियापुर में रात के समय हाइटगेज के लिए होती वेल्डिंग। संवाद- फोटो : रिसिया में निकाली गई यात्रा में शामिल लोग।
फोटो- 30- दिबियापुर में रात के समय हाइटगेज के लिए होती वेल्डिंग। संवाद- फोटो : रिसिया में निकाली गई यात्रा में शामिल लोग।
फोटो- 30- दिबियापुर में रात के समय हाइटगेज के लिए होती वेल्डिंग। संवाद- फोटो : रिसिया में निकाली गई यात्रा में शामिल लोग।
फोटो- 30- दिबियापुर में रात के समय हाइटगेज के लिए होती वेल्डिंग। संवाद- फोटो : रिसिया में निकाली गई यात्रा में शामिल लोग।