औरैया। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसकी चपेट में हर आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं, लेकिन यह वायरस कमजोर रोग प्रति प्रतिरोधक क्षमता रखने वालों को अधिक परेशान कर रहा है। कई बार तो यह जानलेवा तक साबित हो रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को घर के बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखना चाहिए। परिवार के बुजुर्गों के सम्मान में हर साल एक अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है।
जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक अजय कुमार ने बताया की अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर गुरुवार को जनपद के सभी हेल्थ एंड वैलनेस केंद्रों के माध्यम से बुजुर्ग महिलाओं और पुरुषों को जागरूक किया जाएगा। इस दौरान वृद्धजनों की स्वास्थ्य सेवाओं व उनके देखभाल के बारे में समाज और उनके परिवारों को बताया जाएगा। केंद्रों पर वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में संचालित 31 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के माध्यम से कार्यक्रम होंगे।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव का कहना है कि सतर्कता और बचाव ही कोरोना जैसी महामारी से सुरक्षित रहने के सबसे अच्छे उपाय हैं। खासतौर से बच्चे और बुजुर्गों के बारे में अधिक सतर्क रहना होगा। इसके लिए समय-समय पर ठीक तरह से हाथ-धोना, सैनिटाइज करना व घर में ही रहना अति आवश्यक है। उन्होंने अपील किया कि ज्यादा से ज्यादा समय घर में ही बिताएं तभी आप सुरक्षित रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र ने विश्व में बुजुर्गों के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार और अन्याय को समाप्त करने के लिए 14 दिसंबर 1990 को यह निर्णय लिया कि हर साल एक अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के रूप में मनाकर हम बुजुर्गों को उनका सही स्थान दिलाने की कोशिश करेंगे। 1 अक्तूबर 1991 को पहली बार अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया, जिसके बाद से इसे हर साल इसी दिन मनाया जाता है।