औरैया। सबल एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण के लिए बचपन का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है। कुपोषण किसी भी राष्ट्र के लिए अभिशाप के समान है। इसी कुपोषण को दूर करने के लिए राष्ट्रीय पोषण माह का सोमवार से शुभारंभ हो गया। जिलाधिकारी ने कलक्ट्रेट परिसर में इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कुपोषण को जड़ से मिटाने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय पोषण माह संपूर्ण सितंबर माह में चलेगा। इसका उद्देश्य 6 माह से 5 साल तक के बच्चों, गर्भवती/धात्री महिलाओं के कुपोषण को प्रभावी ढंग से दूर करना है, ताकि कुपोषण से होनी वाली बीमारियों व मृत्युदर को कम किया जा सके। इस अभियान के दौरान जिले में कुपोषित, अति कुपोषित बच्चों, एनीमिया की शिकार महिलाओं, किशोरियों और बालिकाओं को चिन्हित कर पोषण वाटिका लगाने, पौष्टिक भोजन का सेवन करने, 6 माह तक शिशु को केवल स्तनपान कराने तत्पश्चात अन्य पौष्टिक आहार लेने के बारे में बताया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों में पोषण वाटिका, किचन गार्डन लगाया जाए। पोषण माह के दौरान ऑनलाइन प्रतियोगिता, डिजिटल पोषण पंचायत, बेबिनार तथा अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ ) शरद अवस्थी ने बताया कि इस वर्ष पोषण माह 2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित और उनकी मॉनिटरिंग करना, दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देना। इस माह के दौरान धात्री माताओं को सुपोषण के प्रति जागरूक और उत्साहित किया जाएगा।उन्होंने बताया जनपद में इस समय शून्य से पांच वर्ष तक के करीब 251 अति कुपोषित बच्चे हैं और 4,519 बच्चे कुपोषित चिह्नित किये गये हैं। बैठक में सीडीओ अशोक बाबू मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी आवेश सिंह, एडीपीआरओ राजेश चौरसिया, विद्या सिंह आदि मौजूद रहे।