फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिशु को रोगों से रखना हो दूर तो स्तनपान कराएं जरूर

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। पहली से सात अगस्त तक विश्व स्तन पान सप्ताह मनाया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसूता महिलाओं को मां के दूध का महत्व और ठीक प्रकार से बच्चों को दूध पिलाने की प्रक्रिया और पद्धति समझायी जा रही है। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि दूध पिलाने से पहले साबुन-पानी से अच्छी तरह से हाथों को साफ कर लें, इस दौरान शारीरिक स्वच्छता भी बहुत जरूरी है । इससे शिशु में सभी पोषक पदार्थों की पूर्ति हो जाती है। छ: माह की आयु तक शिशु को केवल स्तनपान कराएं।
विज्ञापन

यूनिसेफ के मंडलीय समन्वयक आशीष शुक्ल बताते हैं कि यह साक्ष्य आधारित है कि जिन शिशुओं को एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता है। नवजात मृत्यु दर की आशंका 33 प्रतिशत अधिक होती है। लैंसेट की 2016 की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा तीन पॉइंट अधिक होती है। जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए मिलता है। इसके अलावा स्तनपान माओं में स्तन कैंसर से होने वाली मौत को भी कम करता है।
सहार ब्लॉक के सामुदायिक केंद्र की स्टाफ नर्स कंचन बताती हैं कि केंद्र में मां को बच्चे को कैसे स्तनपान कराना है इसकी जानकारी दी गयी है। कोरोना महामारी की चपेट में कुछ ऐसी महिलाएं भी आ चुकी हैं, जिनके बच्चे छोटे-छोटे हैं और स्तनपान करते हैं लेकिन मां के उपचाराधीन होने पर शिशु को दूर रखा जा रहा है।
विज्ञापन

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ) व यूनिसेफ ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि कोरोना उपचाराधीन मां को भी स्तनपान अपने शिशु को कराना चाहिए, क्योंकि अभी तक किए गए शोध में यह साबित नहीं हुआ कि संक्रमित मां के स्तनपान कराने से शिशु में वायरस पहुंचते हैं। मां को स्तनपान कराते समय सावधानी बरतने की जरूरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें