औरैया। लॉकडाउन के चलते कामकाज ठप होने से बाहर से जिले में आने वालों को क्वारंटीन सेंटरों पर ठहराने की व्यवस्था की गई है। लेकिन इन सेंटरों पर बहुत कम लोग रूक रहे हैं। बुधवार को औरैया और बिधूना तहसील के क्वारंटीन सेंटर पर सन्नाटा रहा। अजीतमल तहसील के दो क्वारंटीन सेंटर पर 256 लोग मिले। वहीं, खाली क्वारंटीन सेंटरों पर लेखपाल, अमीन व पुलिस कर्मी ड्यूटी करते नजर आए।
बाहर से आने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें पास के क्वारंटीन सेंटरों पर रोकने के आदेश है। जिले में 20 क्वारंटीन सेंटर बनाए गए हैं। इनमें सदर तहसील में नौ क्वारंटीन सेंटर, अजीतमल तहसील में सात और बिधूना तहसील में चार सेंटर बनाए गए थे। अजीतमल में अब दो, औरैया के तीन और बिधूना के दो यानी सात क्वारंटीन सेंटर संचालित हैं। बुधवार को बिधूना के क्वारंटीन सेंटरों पर सन्नाटा छाया रहा। सदर तहसील क्षेत्र में जानकी वाटिका, ईशा वाटिका और पांडेय गेस्ट हाउस संचालित है। इनमें सिर्फ एक सेंटर पांडेय गेस्ट हाउस में एक व्यक्ति ठहरा हुआ मिला, जो बिहार का रहने वाला है। अजीतमल स्थित दो सेंटरों पर 256 लोग मिले।
उधर, अजीतमल तहसील क्षेत्र में बने सात सेंटरों पर क्वारंटीन किए गए लोगों के भोजन के लिए कम्यूनिटी किचन संचालित है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में गांव ब्यौरा नवलपुर में 28, बहादुरपुर ऊंचा में 18, बल्लापुर में 12, पड़रिया में 20 लोग क्वारंटीन किए गए हैं। यहां रुकने वालों के लिए ग्राम पंचायतों को भोजन भेजने की जिम्मेदारी दी गई है। एसडीएम रमेश यादव ने बताया कि कम्यूनिटी किचन को साफ-सफाई के साथ सैनिटाइज किया गया है।