औरैया। जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों में न तो चिकनगुनिया और न डेंगू की पुष्टि हुई है। चिकित्सक मरीजों को वायरल फीवर से पीड़ित मान रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि वायरल कई तरह के होते हैं। मरीज चिकित्सक की बिना सलाह के दवा का सेवन न करें।
पर्चा काउंटर कर्मचारी के अनुसार जिला अस्पताल में पिछले एक महीने से आने वाले रोगियों की संख्या 600 से 650 के करीब देखने को मिल रही है तो वहीं पुराने मरीज भी 50 से 60 के करीब आ रहे हैं। शुक्रवार को चिकित्सकों ने गंभीर रोगियों में से छह को आज भर्ती किया। जिनमें तीन बच्चे शामिल थे। हालांकि देर शाम तक आराम मिलने के बाद यह रोगी अपने घरों को लौटे। चिकित्सक ने मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी। चिकित्सक भी मरीजों को लेकर सतर्क हैं। वह ऐसे रोगियों को जांच के लिए भेज देते हैं। एक माह में 2750 मरीजों की जांच की गई हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक एंटीबायोटिक दवाओं से मरीजों को एक सप्ताह में आराम मिल रहा है। चिकनगुनिया की बदन दर्द, शरीर में थकान, कमजोरी चक्कर आना जैसी लक्षण बता रहे हैं। कुछ मरीज आंखें लाल होने की भी शिकायतें ले अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बताते हैं कि व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स डेढ़ से दो लाख के बीच होते हैं। प्लेटलेट्स एक लाख के कम होने पर मरीजों को चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। चिकित्सकों ने बताया कि 40 से 50 हजार प्लेटलेट्स तक ब्लीडिंग नहीं होती है।
वहीं, बालरोग विशेषज्ञ डा.जीपी चौधरी ने बताया कि लोगों को बच्चों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है। फिजीशियन डॉ. देवेंद्र सिंह राजावत का कहना है कि वायरल रोग कई तरह के होते हैं। कई रोगों का आसानी से पता भी नहीं चल पाता। इस समय अस्पताल में सिर्फ वायरल फीवर के रोगी देखने को मिल रहे हैं। रोगियों में पाए जाने वाले लक्षण डेंगू व चिकनगुनिया से मिलते जुलते हैं। डॉ. अमित पोरवाल के मुताबिक इन दिनों वायरल बुखार के रोगी अधिक देखने को मिल रहे हैं। मरीजों में बुखार का नया वायरल हो सकता है। मरीजों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। अखिलेश कटियार, पैथालाजिस्ट अखिलेश का कहना है कि जिला अस्पताल में एक महीने में जिन मरीजों की डेंगू व चिकनगुनिया को लेकर जांच की गई। सभी रिपोर्ट निगेटिव देखने को मिली हैं। अस्पता में हर रोज 100 से 130 मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। यह संख्या कभी-कभी 140 के करीब पहुंच जाती है।