औरैया। कुपोषण से मुक्त करने के लिए शासन की ओर से संचालित पोषण मिशन अभियान के अंतर्गत जन स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस का आयोजन गांव स्तर पर किया जा रहा है। कार्यक्रम में ग्रामवासियों को स्वास्थ्य एवं पोषण की सुविधाएं देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सोमवार को अछल्दा ब्लॉक के ग्राम औंतो में जन स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस मनाया गया। जिसमें ग्रामीणों को पोषण अभियान और दिवस के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के तहत कुपोषित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमारी से ग्रसित ग्रामीणों को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैेें। जहां एक तरफ बच्चों को पोषाहार मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को आवश्यक दवा और परामर्श भी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य, पोषण और परिवार नियोजन परामर्श संबंधी समस्त सेवायें नि:शुल्क दी जा रही हैं।
कुपोषित बच्चों की माताओं को वहां पर उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन चतुर्वेदी द्वारा बताया गया कि शिशु को कुछ भी खिलाने से पहले अपने तथा अपने बच्चो के हाथ साबुन से अच्छी तरह से धोएं। बिना हाथ धोए खाना खाने, खिलाने से संक्रामक रोग का खतरा बना रहता है। कोशिश करें कि बच्चों को पोषण युक्त भोजन जैसे, दलिया, दूध, मौसमी फल तथा अतिरिक्त पोषण के रूप में नियमित पोषाहार खिलायें।
सुमन ने गर्भवती महिलाओं को सुमंगला योजना से बेटियों को मिलने वाली धनराशि के बारे में भी जागरूक किया। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण पर भी जोर दिया। साथ ही गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान की जाने वाली जांचें (ब्लड प्रेशर,यूरिन, खून की जांच,पेट की जांच ) क्यों जरूरी है, यह भी समझाया।
आशा उमा देवी, इंद्रावती ने कहा की गर्भवती महिलाएं किसी कारणवश अपनी तीसरी और चौथी एएनसी जांचें यदि नहीं करवा पाती हैं, वह ग्राम स्तर पर सुविधा होने के कारण आसानी से अपनी जांचें करा रही हैं। गर्भवती को बताया कि वह जन्म के छह माह तक अपने शिशु को केवल मां का दूध पिलायें। अगर बच्चा छह माह तक केवल मां का स्तनपान करता है तो वह खतरनाक बीमारियों जैसे, डायरिया, निमोनिया, काली खांसी, गला घोंटू आदि से बचा रहता है। इस अवसर पर आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।