औरैया। कभी धूप और कभी बारिश से मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही बीमारियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। खांसी, जुकाम, बुखार, डायरिया और पेट दर्द के रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। दो दिन से जिला अस्पताल में एक बार फिर रोगियों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है। पर्ची काउंटर कर्मचारी की मानें तो जिला अस्पताल में एक माह में मरीजों की संख्या 17 हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। पिछले तीन दिन से मरीजों की संख्या भी 700 के करीब पहुंच रही है। गुरुवार को अस्पताल में भीड़ के साथ ही पैथालॉजी में जांच के लिए मरीजों की लंबी कतारें देखने को मिलीं है।
गुरुवार को जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे से डेढ़ बजे तक पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लगी रही। पर्ची कर्मचारी आनंद ने बताया कि गुरुवार को ओपीडी में आए कुल नए मरीजों 687 रही। जबकि पुराने पर्चे पर लगभग 70 रोगियों ने परीक्षण कराया। अस्पताल में इतनी भीड़ रही कि मरीजों को पर्चा बनवाने और चिकित्सक से परीक्षण कराने के लिए एक-एक घंटा इंतजार करना पड़ा। नंबर आने पर मरीजों ने राहत की सांस ली। पैथालॉजी में जांच के लिए मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। पैथालॉजी कर्मचारी की माने तो आज 200 जांचे की गईं है।
चिकित्सक डॉ. अमित पोरवाल ने मरीजों को देखते हुए उन्हें गंदगी से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही मरीजों का परीक्षण कर बीमारी से बचाव के उपाय भी बताए। बताया कि बदले मौसम के चलते और बाढ़ के असर के चलते अस्पताल में रोगी तेजी से बढ़े हैं। अधिकांश वायरल के रोगी आ रहे हैं। जिनकी संख्या हर रोज 300 से 400 के करीब देखने को मिल रही है। इसके अलावा भी पेट दर्द, बुखार आदि बीमारी के रोगी देखने को मिल रहे हैं। बताया कि गुरुवार को 11 गंभीर रोगियों को भर्ती किया गया है। जिनमें तीन आयुष्मान योजना के तहत भर्ती किए गए है।
उधर, डॉ. सर्वेश आर्य का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज में सतर्क रहना सेहत के लिए जरूरी है। बताया कि सिर दर्द, मांस पेशियों में ऐठन, तेज बुखार के साथ दस्त आना मौसम बीमारियों के शुरुआती लक्षण है। ऐसे में जंक फूड, ठंडा पानी आदि से परहेज करें। बीमारी का एहसास होने पर बाढ़ प्रभावित गांव के लोग तुरंत चिकित्सक से सलाह लें।