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Auraiya News: डेढ़ साल से बंद हेल्थ एटीएम, निजी लैब के सहारे मरीज

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औरैया/ ककोर। जिले में मेडिकल कॉलेज के अधीन आ चुके 100 शैया युक्त जिला अस्पताल में 2023 में आम लोगों की सुविधा के लिए दान में दी गई हैल्थ एटीएम मशीन अस्पताल प्रशासन की अनदेखी से बंद पड़ी हुई है। अहम बात यह है कि इस मशीन से मिनटों में मिलने वाली जांच रिपोर्ट से मरीज को उसी दिन डॉक्टर से सलाह मिल जाती है। जबकि लैब से अधिकांश लोगों को दूसरे दिन रिपोर्ट मिलती है। जिससे मरीजों के लिए हैल्थ एटीएम महज एक छलावा साबित हो रही है।
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कोरोना काल के दौरान 2022 के आखिरी में तत्कालीन सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव व तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. पीसी श्रीवास्तव की पहल पर औरैया अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से जिले के स्वास्थ्य विभाग को दो हैल्थ एटीएम मशीन दान में दी गईं थीं। शुरुआती दौर में कुछ एक महीने तक तो इन मशीनों का मरीजों को लाभ दिया गया, लेकिन फिर मशीन में लगने वाली स्ट्रिप के खत्म हो जाने के बाद 100 शैया युक्त जिला अस्पताल में मशीन से जांच का काम बंद कर दिया गया।
अस्पताल प्रशासन की माने तो महज डेढ़ साल से यह मशीन सिर्फ दिखावा बनकर खड़ी हुई है। इस मशीन की जांच को लेकर डॉ. सर्वेश आर्य का कहना है कि लैब से मिलने वाली जांच रिपोर्ट की तुलना में हैल्थ एटीएम मशीन से जांच रिपोर्ट 10 से 15 मिनट में मिल जाती है। उन्होंने डेढ़ साल से अस्पताल में बंद पड़ी मशीन को लेकर आश्चर्य जताया है।
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बताते चलें कि 100 शैया युक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 800 से 1000 तक मरीज पहुंचते हैं। इसमें प्रतिदिन 400 से 500 खून के सैंपल विभिन्न प्रकार के बुखार, प्लेटलेट्स संबंधी, शुगर, लिवर, किडनी से संबंधित होते हैं। जांचों को अस्पताल की लैब में खून लेकर टेस्ट किया जाता है। जिसमें अधिकांश मरीजों को दूसरे दिन जांच रिपोर्ट मिलती है। वहीं, हेल्थ एटीएम से मरीज की जांच रिपोर्ट तुरंत मिल जाती है। इसके बाद भी अस्पताल प्रशासन अनदेखी कर रहा है।

2500 मरीजों को ही मिला जांच का लाभ
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मशीन लगने के शुरुआती दौर में अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से मशीन में जांच के लिए लगने वाली टेस्ट स्ट्रिप की दो डिब्बी साथ में दी गईं थीं। जिनसे 2500 मरीजों को जांच सुविधा का लाभ दिया गया था। इसके बाद से स्ट्रिप खरीदी ही नहीं गईं।


इन जांचों की मिलती थी तुरंत रिपोर्ट
हेल्थ एटीएम मशीन से मरीज को शुगर, कोलेस्ट्रॉल, यूरिक एसिड, हीमोग्लोबिन, एएलसी, एसपीओटू, ब्लड प्रेशर, वजन, हाइट संबंधी जांच तुरंत उपलब्ध हो जाती थीं।


बोले जिम्मेदार-

2022 में 100 शैया युक्त जिला अस्पताल को दान में दी गई हेल्थ एटीएम के बंद पड़े होने को लेकर जब मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार से जानकारी की गई तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया कि अस्पताल में संचालित लैब यूनिट में ज्यादातर मशीनें मौजूद हैं। इससे मरीजों की जांचें होती हैं। भर्ती हुए मरीज व इमरजेंसी में आए मरीजों की जांच तत्काल की जाती है।
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