फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: मेहनत माटी हुई, अब मुआवजे के मरहम का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। लगातार तीन दिन की बारिश के बाद खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। किसान खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं। मेहनत बर्बाद होने के बाद किसानों को अब मुआवजे का इंतजार है। कृषि विभाग के टोल फ्री नंबर पर अब तक 533 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। विभाग का दावा है कि 15 से 20 दिन में सर्वे पूरा कराकर बीमित किसानों के फसल नुकसान की भरपाई कराई जाएगी।
विज्ञापन

कृषि विभाग के अनुसार जिले में करीब दो लाख हेक्टेयर में खेती होती है। इस बार 30 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 1100 हेक्टेयर में तिल, 6500 हेक्टेयर में मक्का और 69 हजार हेक्टेयर में धान की फसल बोई गई है। पिछले तीन दिनों तक हुई बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान अछल्दा और बिधूना क्षेत्र के किसानों को हुआ है। इनमें बाजरे की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। फसलें खेतों में बिछ गई है, जबकि सब्जियों के खेतों में पानी भर गया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर फसल बोई थी। फसल खराब होने से उनके सामने कर्ज चुकाने का संकट है। बीमित किसानों की ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों का बीमा कंपनी और कृषि विभाग के कर्मचारी क्लिप एप के माध्यम से मौके पर जाकर सत्यापन करेंगे।
जिले में करीब ढाई लाख किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। 64 हजार किसान फसल बीमा योजना से जुड़े हैं। जिन किसानों ने फसल का बीमा नहीं कराया है, उनके नुकसान का आपदा विभाग की ओर से सर्वे कराया जा रहा है। 33 प्रतिशत या उससे अधिक फसल नुकसान होने पर किसानों को 8500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
विज्ञापन

बिधूना तहसील क्षेत्र के अछल्दा से लेकर बेला में सेंगुर व अन्हैया नदी का पानी हाल ही में खेतों में भर गया है। इससे सैंकड़ों बीघा फसलें बर्बाद हो गई है। एसडीएम बिधूना कमल सिंह के निर्देश पर फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए लेखपालों की टीम लगाई गई है। अभी तक 200 से ज्यादा किसान चिह्नित किए गए हैं।
आंकड़ों पर एक नजर
बाजरा : 30 हजार हेक्टेयर
तिल : 1100 हेक्टेयर
मक्का : 6500 हेक्टेयर
धान : 69 हजार हेक्टेयर
उर्द:1436 हेक्टेयर
मूंग: 347 हेक्टेयर
मूंगफली: पांच हेक्टेयर
अरहर: 3827 हेक्टेयर
बीमित किसान : 64 हजार
कुल पंजीकृत किसान : 2.50 लाख
सिंचित क्षेत्र : 1.70 लाख हेक्टेयर
उपरोक्त आंकड़ें बोई हुई फसल के हैं।
वर्जन
टोल फ्री नंबर पर बीमित किसानों की शिकायतें लगातार आ रही हैं। जल्द ही बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी मौके पर जाकर फसलों के नुकसान का सत्यापन करेंगे। -दुर्गेश सिंह, उप निदेशक कृषि
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें