यदि आप सरकारी नौकरी-पेशा हैं तो आप किसी दावेदार के प्रस्तावक बनने के पात्र नहीं होंगे। अजीतमल ब्लाक में क्षेत्र में नाम-निर्देशन पत्र में ऐसी स्थिति पर निर्वाचन अधिकारी के अनुरोध पर राज्य निर्वाचन आयोग ने नियमावली स्पष्ट की है।
ग्राम पंचायत सामान्य निर्वाचन-2015 में तीसरे चरण में शामिल अजीतमल ब्लाक के निर्वाचन अधिकारी/असिस्टेंस कमिश्नर वाणिज्य कर, अनूप कुमार सिंह ने नामांकन पत्रों की जांच के दौरान एक दावेदार के नामांकन पत्र सरकारी कर्मचारी का नाम प्रस्तावक के रूप में लिखा पाया था।
ग्राम पंचायत चुनाव में सरकारी कर्मचारी के दावेदार का प्रस्तावक बनना वैध या नाजायज है, जिला निर्वाचन प्रशासन यह तय नहीं कर पा रहा था। उक्त नामांकन पत्र वैध है अथवा अवैध स्थिति स्पष्ट जिला स्तर पर स्पष्ट न होने पर निर्वाचन अधिकारी अजीतमल अनूप कुमार ने राज्य निर्वाचन आयोग से नियमावली स्पष्ट करने को अनुरोध पे्रषित किया था।
आरओ अजीतमल के पत्र के जवाब में राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी जय प्रकाश सिंह पंचायत चुनाव की नियमावली खंगालकर मार्गदर्शन करते हुए पत्र जारी किया है। आयोग ने पत्र में पंचायत चुनाव में केंद्रीय व राज्यकर्मी के दावेदार का प्रस्तावक बनने से इनकार किया है। आयोग ने पंचायत चुनाव की निमावली में भारत सरकार/राज्य सरकार के विभागों व उसके अधीन निगमों में कार्यरत कर्मचारी को किसी भी प्रकार का चुनाव लडने अथवा दावेदार के प्रस्तावक बनने को विधिसंमत नहीं बताया है।