महिला को उपचार के लिए ले जाते जीआरपी एवं आरपीएफ कर्मी
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बीमारी से परेशान सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल की पत्नी ने रेलवे स्टेशन फफूंद पर गोमती के आगे कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। यात्रियों ने महिला को बचाने का प्रयास किया। लेकिन उसका एक हाथ कट गया। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद महिला को कानपुर रेफर कर दिया गया। महिला के पर्स में सुसाइड नोट मिला है।
बुधवार सुबह करीब पौने 10 बजे रेलवे स्टेशन फफूंद के पूर्वी छोर पर एक महिला अचानक अप लूप रेलवे ट्रैक पर आ दिखाई दी। कानपुर से गोमती एक्सप्रेस आते दिखी तो उसने अपना सिर रेलवे ट्रैक पर रख दिया। यह देख यात्री चिल्लाने लगे। गोमती एक्सप्रेस के ड्राइवर ने भी हार्न बजाना शुरू कर दिया। लेकिन उसने किसी की भी नहीं सुनी। इस बीच एक युवक और उसके साथियों ने महिला को रेलवे ट्रैक से खींच लिया। लेकिन ट्रेन की चपेट में आकर उसका बायां हाथ कट गया। आनन फानन जीआरपी और आरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची।
महिला के पर्स की तलाशी लेने पर उसमें एक सुसाइड नोट मिला। इसमें उसने अपना परिचय रीता देवी पत्नी कैलाश चंद्र दिया था। सुसाइड नोट के अनुसार वह शादी के बाद से ही बीमार रहती है। कई आपरेशन होने के बावजूद उसका शरीर साथ नहीं दे रहा है। अब उससे कुछ भी नहीं होता। इसलिए वह आत्महत्या करने जा रही है। इसमें किसी का भी कोई दोष नहीं है।
पुलिस ने महिला को सीएचसी दिबियापुर में भर्ती कराया। इस बीच सीआईएसएफ डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार को सूचना दी गई। वह सीएचसी पहुंचे। उन्होंने महिला के पति को सूचना दी। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद महिला को गेल के धन्वंतरि हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से पति कैलाश महिला को कानपुर ले गए। सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेंट अनिल कुमार के अनुसार कैलाश चंद्र सीआईएसएफ पाता में हेड कांस्टेबल के पद पर है। पिछले कुछ दिनों पहले ही वह छुट्टी से लौटा है। कैलाश चंद्र मूल रूप से हिमांचल प्रदेश का रहने वाला है।
पति को ड्यूटी भेज पहुंची स्टेशन
बुधवार सुबह पांच बजे से सीआईएसएफ हेड कांस्टेबल कैलाश की ड्यूटी गेल पाता प्लांट में थी। वह घर से सुबह 4:30 बजे ही चला गया। बेटा कोलकाता में पढ़ता है। जबकि बेटी घर पर ही थी। गेल बिहार स्थित कालोनी में घर के बाहर ताला लगाकर बेटी से कुछ देर में आने की बात कहकर रीता घर से निकल गई।