औरैया। पारंपरिक खेती से लगातार नुकसान होने से किसानों का मोहभंग हो रहा है। ब्लॉक भाग्यनगर के गांव रानीपुर के किसान रामगोविंद ने अपने खेतों को उपजाऊ बनाकर स्ट्रॉबेरी की ड्रिप सिंचाई विधि से साथ खेती कर डाली। उनकी उगाई गई स्ट्रॉबेरी दिबियापुर स्थित गेल समेत आसपास में हाथोंहाथ बिक रही है।
गांव रानीपुर के किसान रामगोविंद ने सितंबर माह में एक हेक्टेयर में स्ट्रॉबेरी के 22 हजार पौधे लगाए। यह पौधे महाराष्ट्र के पुणे से लेकर आए थे। उद्यान विभाग से ड्रिप सिंचाई विधि से पौधों की सिंचाई कर रहे हैं। राम गोविंद ने बताया कि पौधे, ड्रिप एरीगेशन, निराई-गुणाई, खाद आदि में उनका करीब छह लाख रुपया खर्च हुआ है। एक सप्ताह से फसल में फल आने शुरू हो गए हैं।
फिलहाल औसतन प्रतिदिन 15 किलो स्ट्रॉबेरी फलों की तुड़ाई हो रही है। एक सप्ताह बाद प्रतिदिन औसतन 60 से 70 किलो उत्पादन होगा। इन स्ट्रॉबेरी फलों की दिबियापुर स्थित गेल कालोनी में अच्छी डिमांड है। जिसकी 300 रुपये किलो के हिसाब से बिक्री हो रही है।
15 मार्च तक स्ट्रॉबेरी फलों की तुड़ाई होगी। जिसमें करीब 20 लाख रुपये की औसत आमदनी होगी। रामगोविंद ने बताया कि अभी सभी फलों की गेल में खूब डिमांड है, इसके बाद कानपुर, इटावा, आगरा समेत अन्य जिलों में मांग के अनुरूप भेजेंगे।
जिला उद्यान अधिकारी रवि जायसवाल ने कहा कि रानीपुर के किसान रामगोविंद ने स्ट्रॉबेरी की ड्रिप सिंचाई विधि के साथ खेती शुरू की है। जिसमें वह अच्छा-खासा मुनाफा कमा रहे हैं। वह करीब 15 मार्च तक फलों की तुड़ाई करेंगे। जिससे वह लाखों रुपये तक का मुनाफा कमाएंगे। इसके लिए और भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।