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Auraiya News: औरैयाः इटावा से कानपुर तक हाईवे पर हादसे किए जाएंगे शून्य

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फोटो-26एयूआरपी-03- मंडी परिसर के पास हाइवे का जर्जर सर्विस रोड। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। इटावा-कानपुर चकेरी नेशनल हाइवे-19 पर एक भी व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत न हो, इसके लिए कवायद शुरू की गई है। पुलिस और परिवहन विभाग की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। जिन स्थानों पर सर्विस रोड अधूरे है, उन्हेें पूरा कराया जाएगा। साथ ही किसी भी हालत में अवैध कट से वाहन गुजरने नहीं दिए जाएंगे।
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परिवहन और पुलिस विभाग विशेष चेकिंग कर कार्रवाई करेगी। पिछले कई सालों से नेशनल हाईवे पर हादसों की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इसको लेकर प्रमुख सचिव परिवहन ने सेफ लाइफ फाउंडेशन की पहल पर इस पर अमल करने के लिए आदेश जारी किए है। हाल ही में हुई बैठक के बाद परिवहन विभाग ने एनएचएआई के अधिकारियों से मिल कर इस पर काम शुरू किया है।
जीरो फैटलिटी कॉरिडोर एक यह सड़क यातायात सुरक्षा मॉडल है। जो निम्न और मध्यम आय वाले देशों के लिए प्रासंगिक है। यह मॉडल भारत में उत्पन्न हुआ था और इसे भारतीय गैर लाभकारी संस्था सेव लाइफ फाउंडेशन (एसएलएफ) द्वारा विकसित किया गया था। मॉडल का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और परिणामी चोटों, क्षतियों और मौतों को कम करना है।
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एआरटीओ प्रवर्तन रेहाना बानो ने कहा कि प्रमुख सचिव परिवहन द्वारा लगातार समीक्षा कर सड़क हादसे रोकने और घटनाएं शून्य करने पर जोर दिया जा रहा है। पिछले वर्ष दिसंबर में सेफ लाइफ फाउंडेशन की पहल पर हाईवे को जीरो फैटलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) बनाने के निर्देश दिए गए थे। अब फिर से इस पर कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं, पेट्रोलिंग बढ़ाने के साथ सख्ती से चेकिंग की जाएगी। अवैध कट, ओवरलोडिंग, गलत दिशा व नियमों का पालन न करने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।
यहां पर हैं अधूरे सर्विस रोड और कब्जे
कानपुर देहात सीमा के महटौली से लेकर अजीतमल तक कई जगह सर्विस लेन अधूरे पड़े हैं। परिवहन विभाग के मुताबिक, औरैया सीमा में प्रवेश करते ही महटौली पुल के आगे की सर्विस रोड, जैतापुर औरैया के पास, इंडियन ऑयल के पास, मंडी परिसर व उसके आगे वाले हाईवे पुल, चिरुहुली व अजीतमल के बाबरपुर पुल के पास हाईवे के सर्विस रोड पर गड्ढे हैं और कई जगह अधूरे पड़े हैं। करीब 10 जगहों पर अवैध कट है, जिन्हें पूरी तरह से बंद कराया जाएगा। कई जगहों पर सर्विस रोड पर कब्जे हैं, उन्हें हटवाया जाएगा।
घायलों को मुहैया कराई जाएगी बेहतर स्वास्थ्य सेवा
सड़क हादसे में घायलों को त्वरित इलाज मुहैया हो इसके लिए हाईवे की पेट्रोलिंग के साथ एंबुलेंस की सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। एंबुलेंस निकट के अस्पतालों से संपर्क रखेगी। हादसा होते ही वह घायलों को लेकर चलने से पहले अस्पताल को सूचना देंगी, जिससे अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त कर घायलों को इलाज देकर उनकी जान बचाई जा सके। इसके अलावा बच्चों का ग्रुप बनाया जाएगा, इसमें 25-25 बच्चे शामिल किए जाएंगे। वह स्कूल व क्षेत्रों में जाकर लोगों जागरूक करेंगे। जिन स्कूलों में एनएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवा) नहीं है, वहां पर गठन किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि सड़क हादसे न हो, लोग यातायात नियमों का पालन करें। नोडल अधिकारियों की देखरेख में बच्चे जागरुकता अभियान चलाएंगे।
सड़क दुर्घटनाओं की संख्या
वर्ष-2018- 336
वर्ष-2019-318
वर्ष 2020-296
वर्ष-2021-375
वर्ष-2022-329
मृतकों की संख्या
वर्ष-2018- 160
वर्ष-2019- 155
वर्ष 2020- 148
वर्ष-2021-163
वर्ष-2022-145
घायलों की संख्या
वर्ष-2018- 250
वर्ष-2019- 234
वर्ष 2020-285
वर्ष-2021- 300
वर्ष-2022-253

फोटो-26एयूआरपी-01- इंडियन ऑयल चौकी के पास सर्विस रोड पर खड़े वाहन। संवाद- फोटो : AURAIYA

फोटो-26एयूआरपी-02- दयालपुर के पास सर्विस रोड पर खड़ी बस। संवाद- फोटो : AURAIYA

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