औरैया। बेरोजगारी की मार झेल रहे जिले के युवाओं को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए सरकार कई प्रयास कर रही है। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र की ओर से जनपद में 250 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य है। साथ ही उन्हें स्वरोजगार के लिए तीन लाख रुपये का ऋण भी दिया जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगारों के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए इस योजना में पारंपरिक बढ़ई, दर्जी, लोहार, नाई, सुनार, हलवाई, मोची, राजमिस्त्री एवं हस्तशिल्पियों के आजीविका के साधनों का सुदृढीकरण एवं उनके जीवन स्तर को उन्नत किए जाने उद्देश्य से योजना शुरु की गई है।
इसके तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पांच से 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें अपना स्वयं का रोजगार स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके लिए उन्हें योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थी को प्रतिदिन 500 रुपये प्रोत्साहन राशि और किट भी प्रदान की जाएगी। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद स्वयं का बिजनेस शुरू करने के लिए सरकार की ओर से तीन लाख रुपये का ऋण मिलेगा। यह धनराशि दो चरणों में दी जाएगी। पहले किस्त एक लाख रुपये और फिर उसके बाद दूसरी किस्त दो लाख रुपये की होगी।
प्रशिक्षण केंद्र का हुआ शुभारंभ
योजना के तहत अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए फफूंद रोड बनारसीदास मोहल्ले में प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। समाजसेवी डॉ. जीएन अग्रवाल ने फीता काटकर प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि डॉ. जीएन अग्रवाल ने कहा कि सरकार की मंशा हर हर व्यक्ति को रोजगार से जोड़ना है। इसके लिए योजनाओं के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। प्रोग्राम मैनेजर देवर्षि शुक्ला ने बताया कि बढ़ई, बास्केट मेकर, हेयर ड्रेसर ट्रेड में अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। जल्द ही प्रशिक्षण शुरु होगा।
- अरविंद कुमार भाष्कर, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र