एरवाकटरा। क्षेत्र के गांगसी रजबहा की पिछले दो सालों से सफाई न होने के चलते पानी का प्रवाह थम गया है। रजबहे में सिल्ट और जलकुंभी जमा है। रजबहा के पानी पर क्षेत्र के 30 से ज्यादा गांवों के किसान सिंचाई के लिए निर्भर हैं। ऐसे में धान की रोपाई पर संकट छाया है।
क्षेत्र के शेखूपुर, रमपुरा, जरैला, गोपियापुर, नगला बिजा, पटना, उमरेडी, रानीपुर दत्त, रतनपुर, समायन, हिरमी व बहादुरपुर रूरू समेत 30 से ज्यादा गांवों से होकर गुजरने वाले गांगसी रजबहा की दो वर्षों से सफाई नहीं हुई है। इससे हजारों किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद पानी न पहुंचने से किसान रोपाई नहीं कर पा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि रजबहे में सिल्ट जमा होने के साथ ही जलकुंभी और अन्य खरपतवार उग आए हैं। इससे पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता। नगला बिजा के किसान करनवीर, विनीत कुमार, पुनीत कुमार और प्रेम सिंह ने बताया कि दो वर्षों से रजबहा की सिल्ट सफाई नहीं कराई गई है।
उमरेडी के किसान गंभीर सिंह, तुलाराम, चरन सिंह व रज्जन ने आरोप लगाया कि सिल्ट सफाई का कार्य कागजों में दिखाकर भुगतान कर दिया जाता है। इससे किसानों को जरूरत के समय सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता। यही नहीं सबमर्सिबल के सहारे धान की फसल करने पर लागत भी बढ़ रही है। ऐसे में धान की फसल का मुनाफा लगातार घटता जा रहा है। रजबहा को लेकर शिकायत करने पर भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
क्या बोले किसान-पानी नहीं आ रहा
पानी के अभाव में धान की नर्सरी सूखने लगी है। रजबहा में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में रोपाई पर भी संकट है। सबमर्सिबल से लागत बढ़ जाएगी।-महेंद्र सिंह
गांगसी रजबहा ही क्षेत्र में खेती की सिंचाई का एकमात्र साधन है। ऐसे में समय पर पानी न मिलना गंभीर समस्या बन गया है। सिंचाई विभाग की लापरवाही है।-दिनेश चंद्र
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मुख्य नहर में चार-पांच दिन पहले ही पानी छोड़ा गया है। गांगसी रजबहे की लंबाई करीब 72 किलोमीटर है। इसलिए उमरेडी क्षेत्र तक पानी पहुंचने में अभी चार-पांच दिन और लगेंगे। -राजेश राजपूत, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग, इटावा प्रखंड
फोटो-10- खरपतवार से पटा पड़ा रजबहा।संवाद- फोटो : थाना दक्षिण पुलिस की गिरफ्त में इन्वेस्टमेंट और पेपर ट्रेडिंग गिरोह के चार सदस्य। स्त्रोत: विभाग
फोटो-10- खरपतवार से पटा पड़ा रजबहा।संवाद- फोटो : थाना दक्षिण पुलिस की गिरफ्त में इन्वेस्टमेंट और पेपर ट्रेडिंग गिरोह के चार सदस्य। स्त्रोत: विभाग