औरैया। गेल इंडिया लिमिटेड का पाता पैट्रो केमिकल संयंत्र अब देश का पहला मेटासोलीन ग्रेड पालीमर उत्पादक संयंत्र बन गया है। पाता संयंत्र ने बिना लाइसेंसर (यूनीवेशन टेक्नालाजी यूएसए) के मदद से मेटासोनील पालीमर उत्पादित कर भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना मेक इन इंडिया को सफल बनाने में अपना योगदान दिया है। यह जानकारी सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान गेल के कार्यकारी निदेशक एमवी रवि ने दी।
उन्होंने बताया कि मेटासोलीन ग्रेड का पालीमर अभी तक हमारा देश विदेशों से आयात करता था। गेल पाता संयंत्र ने अपने इंजीनियरों की मदद से पहले ही प्रयास में दिसंबर 2019 में इस ग्रेड की पालीमर उत्पादित करने में सफलता हासिल की है। पाता संयंत्र ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में अभी तक विभिन्न ग्रेड का लगभग 6.78 लाख मीट्रिक टन पालीमर उत्पादन कर लिया है। इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य कुल 8.10 लाख मीट्रिक टन पालीमर उत्पादन करने का है।
उन्होंने बताया कि गेल (इंडिया) लिमिटेड भारत सरकार का एक महारत्न सार्वजनिक उपक्रम है और भारत की प्रमुख प्राकृतिक गैस कंपनी है। गैस आधारित भारत का सबसे बड़ा पैट्रोकेमिकल संयंत्र है। संयंत्र ने वर्ष 1999 में उत्पादन शुरू किया और निरंतर उत्पादन क्षमता में विस्तार करते हुए विभिन्न प्रकार के नए पॉलीमर उत्पादों का निर्माण किए हैं।
पॉलीमर के साथ ही संयंत्र में एलपीजी और अन्य हाइड्रोकार्बन पदार्थों का भी उत्पादन होता है। इस दौरान सीजीएम अजय त्रिपाठी, सीजीएम आरके मित्तल, सीजीएम प्रेमकुमार, सीजीएम राहुल गौतम, महाप्रबंधक मानव संसाधन पीएन राव, जीएम केके अग्रवाल, डीजीएम एसके कटियार, वरिष्ठ प्रबंधक श्वेता रानी आदि मौजूद रहीं।