फोटो-28एयूआरपी -18 यमुना पुल पर निकलते वाहन। संवाद
औरैया। यमुना नदी पुल की मरम्मत होने के बाद अब पीडब्ल्यूडी विभाग भार का परीक्षण कराने में जुट गया है। वैसे तो गुरुवार से पुल पर आवागमन पर रोक लगाने के निर्देश थे। लेकिन सरकारी अमला जुटने तक पहले दिन ढील रही। हालांकि दोपहर बाद अमला सक्रिय होने के बाद पुल के इर्दगिर्द संकेतक बोर्ड लगना शुरू हुए। साथ ही पुल पर निकलने वाले वाहनों को रोककर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जाने का सुझाव दिया गया। साथ ही पैदल राहगीरों को भी निकलने पर रोका गया। शुक्रवार से पुल पर पूरी तरह से आवाजाही पर पाबंदी लग जाएगी।
यमुना नदी पुल पर पिछले माह मरम्मत का काम शुरू कराया गया था। यमुना पुल पर आवाजाही पर रोक लगाते हुए पुल की आठ खराब बेयिरंग को बदला जा चुका है। साथ ही साथ पुल के पिलरों पर नमी रोधक लेयर भी चढ़ाई जा चुकी है। अब इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही की सुरक्षा जांचने के लिए भार परीक्षण होना है। ऐसे में डीएम के आदेश पर गुरुवार से तीन सितंबर तक इस पुल पर वाहनों से लेकर पैदल आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
जारी हुए आदेश के क्रम में गुरुवार दोपहर तक हलके वाहनों व पैदल राहगीरों की आवाजाही जारी रही। वहीं, बाद में अवर अभियंता रेहान खान के साथ टीम पहुंची। इसी बीच यातायात पुलिस भी पहुंच गई। यमुना पुल से पहले आवाजाही की पाबंदी का बोर्ड भी लगा दिया गया। विभागीय अधिकारियों की माने तो शुक्रवार से पुल पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो जाएगी। साथ ही साथ भार परीक्षण का काम संपन्न कराया जाएगा।
अब जालौन के लिए सफर करने के लिए लोगों को तीन सितंबर तक बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का सहारा लेना होगा। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अमर सिंह ने बताया कि यमुना पुल पर भार परीक्षण का काम शुरू कराया जा रहा है। तीन सितंबर तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर आवाजाही पर रोक लगाई गई है।