औरैया। रेलवे के प्रस्तावित डेडिकेटिड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना का काम इसी साल नवंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद बुलंदशहर के खुर्जा से कानपुर के भाऊपुर के बीच मालगाड़ियां इसी फ्रेट कॉरिडोर से गुजारी जाएंगी। फ्रेट कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर मालगाड़ियों का दबाव कम होने के साथ ही यात्री ट्रेनों की स्पीड भी बढ़ेगी। ट्रेनों की लेटलतीफी पर भी विराम लगेगा।
गुरुवार को फफूंद स्टेशन पहुंचे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफ सीसीआईएल) के ग्रुप जेनरल मैनेजर (जीजीएम) एसके जैन ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि नवंबर 2018 तक खुर्जा से भाऊपुर के बीच फ्रेट कॉरिडोर का काम पूरा करा लिया जाए। इस दौरान जीएम टीपी अग्रवाल ने अधीनस्थों के साथ फफूंद रेलवे स्टेशन और आसपास जाकर खुर्जा से भाऊपुर के बीच बन रहे फ्रेट कॉरिडोर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधीनस्थों से काम के दौरान आ रहीं समस्याओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही काम को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में अधीनस्थों के साथ बैठक की। जीएम ने बताया कि प्रोजेक्ट की कमीशनिंग कराके मालगाड़ियां जल्द दौड़ने लगें, इसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी दिन-रात एक किए हुए हैं।
बता दें कि फ्रेट कॉरिडोर का काम कई वर्षों से शुरू है। अप एवं डाउन मार्ग के लिए अलग से दो रेलवे लाइनें लुधियाना से कोलकाता के बीच बिछाईं जा रहीं हैं। इस ट्रैक पर मालगाड़ियां चलने से यात्री गाड़ियों की गति में भी तेजी आएगी। बताया कि अभी कई बार यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को आगे निकाला जाता है। इससे यात्री ट्रेनें लेट हो जातीं हैं।
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एक पखवारे में शुरू होगा नाला निर्माण कार्य
औरैया। फफूंद रेलवे स्टेशन की बंद हो चुकी रेलवे क्रासिंग के समीप डेडिकेटिड फ्रेट कॉरिडोर योजना के तहत बनवाए जा रहे नाले का निर्माण बीच में बंद कर दिया गया था। इस मामले में जीजीएम एसके जैन ने बताया कि नवंबर तक कोई काम अधूरा नहीं रहेगा। जब उन्हें बताया गया कि इस नाले का निर्माण रुकने के कारण रेलवे लाइन के आसपास के इलाके डूबने की कगार पर पहुंचने वाले हैं। इस पर उन्होंने अधीनस्थों को 15 दिन के अंदर नाला निर्माण कराए जाने के निर्देश दिए।