फोटो -8- मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : पुलिस द्वारा पकड़े गए गांजा तस्करों के संबंध में जानकारी देते एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद। संवाद
औरैया। शहर के जिला संयुक्त चिकित्सालय को पेपरलेस बनाने की कवायद तेज हो गई है। अस्पताल प्रशासन अब मरीजों को पर्चे की लंबी लाइनों और पुरानी जांचें सहेजने के झंझट से मुक्ति दिलाने की तैयारी में है। इसके लिए अस्पताल में आभा एप के जरिए काम शुरू किया जा रहा है।
इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस ने शासन से पत्राचार करते हुए नौ नए कंप्यूटरों का मांग पत्र भेजा है। जैसे ही ये कंप्यूटर अस्पताल को उपलब्ध हो जाएंगे। डिजिटल काम की रफ्तार और तेज हो जाएगी। इसके लिए प्रत्येक डॉक्टर के समक्ष एक ऑपरेटर भी उपलब्ध होगा। डॉक्टर के परामर्श से लेकर लैब की जांचें सब कुछ मरीज की आभा आईडी पर अपलोड की जाएंगी।
इस नई व्यवस्था के तहत अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को बार-बार लाइन में नहीं लगना होगा। आभा एप पर मरीज की एक बार डिजिटल आईडी बन जाएगी, इसके बाद उसे एक यूनिक नंबर मिल जाएगा। यह नंबर हर जगह मान्य होगा।
मरीज जब भी किसी डॉक्टर के पास उपचार के लिए जाएगा, डॉक्टर उसकी बीमारी और इलाज की पूरी डिटेल सिस्टम में सबमिट कर देंगे।
इसके बाद मरीज देश या प्रदेश में कहीं भी जाएगा, वहां के डॉक्टर सिर्फ उसकी आईडी खोलकर पुरानी बीमारी और अब तक दिए गए इलाज की पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
फोटो -8- मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद- फोटो : पुलिस द्वारा पकड़े गए गांजा तस्करों के संबंध में जानकारी देते एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद। संवाद