टोली निकाल बीहड़ के बाशिंदों को जागरूक करते युवा।
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बीहड़ लंबे अरसे तक दुर्दांत डाकुओं के चंगुल में रहा है। इससे आजादी के बाद से यह इलाका विकास को तरस रहा है। चुनाव के वादे कभी पूरे नहीं हुए। इस बार बीहड़ का यंगिस्तान जागरूक हुआ है। यह टोली बनाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। इनका कहना है कि नई सरकार बनने पर बीहड़ के विकास के लिए गुहार लगाने जाएंगे।
बीहड़ क्षेत्र के शाला गांव में विकास न होने पर लोकसभा चुनाव में लोगों ने बहिष्कार कर दिया था। कुल 13 वोट पड़े थे। इस बार भी चुनाव में बहिष्कार के सुर फूटे थे। युवाओं के कमान संभालने के बाद लोगों ने मतदान किया। युवाओं का कहना था कि नई सरकार बनने पर विकास की मांग की जाएगी।
गांव के युवा जितेंद्र, सोनू व विकास की पहल पर लोग विकास के लिए एकजुट हुए हैं। सुरेश ने बताया कि गांव के युवाओं को सेना और पुलिस के अलावा कोई नौकरी नहीं मिल पाती है। इसकी वजह रोजगार परक पढ़ाई के लिए सुविधाओं का न होना है। वहीं मुकेश कुमार का कहना है कि बिजली के लिए गांव में लाइन तो बिछी है, आपूर्ति रामभरोसे रहती है। कंप्यूटर के जरिए होने वाले किसी भी काम के लिए 20 किलोमीटर सफर तय करना होता है।
गांव के युवा राजेश, कौशल, अंबेस आदि ने बताया कि गांव में मेन सड़क के अलावा गलियों की हालत खराब है। युवाओं का कहना है कि नई सरकार से बीहड़ के विकास की मांग की जाएगी। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।