खेरे गांव में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दौरान बाल व्यास राकेश शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला का वर्णन सुनाया। बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारियों के वध के लिए ही जन्म लिया था। कंस का वध कर सभी को अत्याचार से मुक्त कराया। मन की शांति के लिए ईश्वर का स्मरण अवश्य करें
उन्होंने भक्तों से कहा कि संसार में अत्याचार कभी प्रभावी नहीं हो सकता। ऐसा होता तो रावण, कंस समेत अत्याचारियों को वध न हुआ होता। जब-जब धरा पर पाप का घड़ा भरता है। तब-तब समाज को मुक्ति दिलाने के लिए धरा पर कोई न कोई महापुरुष अवश्य अवतरित होता है।
कहा कि हमें अच्छे रास्तों पर चलना चाहिए, जिससे समाज, परिवार का भला हो सके। व्यक्ति को संस्कारवान होना चाहिए, जिससे हमारा यश हो सके। प्रतिदिन ईश्वर भक्ति में कुछ समय अवश्य देना चाहिए, जिससे मन को शांति मिल सके। कथा श्रवण के दौरान सैकड़ों की संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।