प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित शिक्षामित्रों ने शुक्रवार को एरियर की मांग को लेकर जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बीएसए को पांच सूत्रीय समस्याओं का ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षामित्र नेताओं ने एरियर और वेतन भुगतान की मांग की। साथ ही दफ्तर में हो रही अवैध वसूली पर अंकुश लगाने की गुहार लगाई।
उप्र आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित हुए धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता मनोज पाल ने की। उन्होंने कहा कि सुप्रीम में कोर्ट में पक्ष हुए निर्णय के बाद प्रदेश सरकार ने समायोजित शिक्षामित्रों को रुका हुआ संपूर्ण वेतन भुगतान का आदेश जारी किया है। शासन के इस आदेश का अनुपालन इटावा, कन्नौज, कानपुर देहात आदि जनपदों में सुनिश्चित करा दिया गया है। जबकि जिले में शिक्षामित्रों को अब तक केवल दिसंबर माह का वेतन जारी किया गया है।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के जिला महामंत्री आशू दुबे ने अवशेष शिक्षामित्रों का 10 माह का मानदेय भुगतान जल्द किए जाने की मांग की। संगठन के जिला मीडिया प्रभारी बिमल दुबे ने वेतन के मद में अवशेष एरियर, वेतन व सर्विस बुक के नाम पर होने वाली अवैध वसूली रोकने के साथ इस कृत्य में शामिल दोषियों पर कार्यवाही किए जाने की जोरदारी से मांग की।
बाद में धरनारत शिक्षामित्र नेताओं ने बीएसए राजेश कुमार श्रीवास को पांच सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में जिला प्रवक्ता फेरू सिंह, दिलीप सिंह, श्याम चतुर्वेदी, संतकुमार शुक्ला, मुकेश कुमार, योगेंद्र कुमार द्विवेदी, ओमेंद्र कुमार, मनीष पाठक, अजय सेंगर, शिवकुमार, सर्वेश कुमार, प्रदीप कुमार, नीरज, बीरेंद्र सिंह, अरुण कुमार, महेंद्र पाल, रबींद्र सिंह आदि शिक्षामित्र प्रमुख रहे।
30 जनवरी तक का मिला आश्वासन
औरैया। वेतन के साथ अवशेष एरियर की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे शिक्षामित्रों की मांगों को लेकर बीएसए राजेश कुमार श्रीवास और कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी रामविलास ने मांगों को लेकर सकारात्मक रुख प्रदर्शित किया है। ज्ञापन प्राप्त करते समय बीएसए व लेखाधिकारी ने आगामी 30 जनवरी तक अधिकांश शिक्षामित्रों का एरियर जारी करने का भरोसा दिया है। लेखाधिकारी ने सभी छूटने की स्थिति में अवशेष शिक्षामित्रों के खाते में पांच फरवरी तक एरियर की धनराशि हस्तांतरित करने का भरोसा दिया है।