बिधूना (औरैया)। सर्दी के बीच पड़ रहे कोहरे से मटर व सरसों की फसल खराब हो रही है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं।
दरअसल कोहरा मटर और सरसों की फसल को बहुत अधिक नुकसान पहुंचाता है। इसके चलते सरसों के फूल झड़ने लगते हैं और उपज कम जाती है। वहीं मटर में रोग लग जाता है। पैदावार कम हो जाती है।
ऐसे में पिछले कई दिनों से पड़ रहे कोहरे का प्रभाव सरसों व मटर की फसल पर अधिक पड़ रहा है। मटर में जहां कोहरा के चलते पैदावार कम हो गई, साथ ही रोग लग रहा है। ऐसे में मटर की फली में अधिक नुकसान हो रहा है। कोहरे के चलते दवा आदि नहीं डाल पा रहे हैं।
किसान राजीव सिंह, मनोज कुमार, शशिभूषण सिंह, संतोष सिंह का कहना है कि सरसों के पीछे बुआई की गई फसल में इस समय फूल खिल रहा है। ऐसे में कोहरे में सरसों का फूल झरने से सरसों की पैदावार कम हो जाती है। इस समय फूल पर खड़ी सरसों के लिए कोहरा घातक साबित हो रहा है।
खरगपुर-रामगढ़ निवासी किसान मनोज कुमार ने बताया कि कोहरे के चलते पैदावार कम हो गई है। साथ ही कोहरे के चलते रोग लग गया है। सर्दी में दवा का छिड़काव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कीट से फली को नुकसान पहुंच रहा है। फूल को नष्ट कर दे रहे हैं।
पसुआ निवासी कुंवर पाल सिंह ने बताया कि सरसों की फसल को भी कोहरा बहुत नुकसान पहुंचाता है। इसके चलते सरसों के फूल झड़ने लगते हैं और उपज कम जाती है। देरी से सरसों की बुवाई करने से फसल के कोहरे के चपेट में आने का खतरा ज्यादा हो जाता है।