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सेंगुर नदी में बह रहा केमिकल युक्त पानी

Tue, 10 Mar 2015 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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गंगा-युमना नदियों की तरह सात जिलों की जीवनदायिनी सेंगुर नदी भी प्रदूषण की चपेट में है। नदी में के मिकल युक्त कचरा बहाए जाने से पीने का पानी जहरीला हो रहा है। वहीं पशुओं को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस नदी में नहाने वालों को सिरोसिस व फ्लोरोसिस सरीखे गंभीर रोग हो रहे हैं।
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सेंगुर नदी में प्रदूषित पानी का मोहाना खोल दिया गया है। स्थानीय लोगों ने विरोध किया, लेकिन प्रशासनिक सहयोग न मिलने से गंदा पानी बहाने पर रोक नहीं लग सकी।- अरविंद कुमार, टिकुरिया बाग, फफूंद
 2004 तक नदी में साफ पानी बहता था। इस नदी के पानी से हजारों जानवर और हजारों घरों के लोगों की प्यास बुझती थी, लेकिन अब इस जल का प्रयोग करना जानवरों के लिए खतरा पैदा कर रहा है।- प्रयाग सिंह, छोटी पहाड़िया
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सेंगुर नदी में गिरने वाले नाले को बंद कराने के लिए कई बार शिकायत की गई, लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। -कौशल किशोर, प्रदेश सचिव राष्ट्रीय पंचायत राज ग्राम प्रधान संगठन
यह नदी मथुरा, औरैया, कानपुर देहात, अलीगढ़, मैनपुरी, इटावा से होकर गुजरती है। औरैया आते ही यह नदी प्रदूषित होने लगती है, जिससे अब पीने का पानी तक मिलना मुश्किल हो रहा है।- आशू भदौरिया, युवा समाजसेवी
नदी में फ्लोराइड की मात्रा 120-130 पीपीएम हो गई है। मल, कचरा और शैवाल ने पानी को जहरीला कर दिया है। यह लीवर को नुकसान पहुंचाएगा। ऐसा पानी पीने से पेट बाहर निकल आता है। शरीर में कमजोरी रहती है। हड्डियों में दर्द होता है।- डा. श्याम सूरी, जिला क्षय रोग अधिकारी
दूषित पानी पीना बीमारियों की जड़ है। ऐसे पानी का सेवन करने से लीवर संबंधी कई बीमारियां हो सकती हैं। गंदा पानी सिंचाई के लिए भी उपयोगी नहीं बचा है।--चरन सिंह पिप्पल, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, क्षेत्रीय सक्रिय सदस्य
ऐसे मामलों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को हस्तक्षेप करना चाहिए था, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए है। दूषित व केमिकल युक्त पानी से कई संवेदनशील प्रजातियों पर खतरा मंडराने लगा है।- डा. राजीव चौहान जैव विविधता विशेषज्ञ
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