औरैया। उफनाई यमुना दिन-ब-दिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। इस समय यमुना का जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर को पारकर 117 मीटर के पैमाने पर पहुंच गया है। किनारे बसे दर्जन भर से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। सदर विकास खंड के सबसे बड़े गांव क्योंटरा में यमुना का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। जानकारी मिली है कि इस गांव में तकरीबन चार सौ घर बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गांव के लोग गृहस्थी का सामान आदि लेकर छतों पर पहुंच गए हैं। घर छोड़ने को कोई भी तैयार नहीं है। वहीं, कई सौ बीघे बाजरा, तिली व धान की फसल बर्बाद हो गई है। उधर, केंद्रीय जल आयोग कर्मियों के मुताबिक बुधवार की रात तक पानी थमने की संभावना बताई जा रही है।
यमुना में पानी बढ़ने पर बड़ी संख्या में लोग बाढ़ का नजारा देखने के लिए जमा हो रहे हैं। इससे हादसे की आशंका के मद्देनजर पुलिस व ट्रैफिक प्रशासन सक्रिय हो गया। आनन-फानन में पुल पर पहुंचकर उसे खाली कराया गया। पुल पर बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने जालौन चौराहा व खानपुर चौराहा से जालौन मार्ग पर जाने वाले सड़क पर बेरीकेडिंग लगाकर बड़े व छोटे सभी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। प्रभारी कोतवाली इंस्पेक्टर शशांक राजपूत ने पुलिस बल के साथ यमुना नदी पुल पर पहुंचकर जमा भीड़ को हटने के निर्देश दिए। वहीं ट्रैफिक पुलिस ने भी यमुना नदी पुल पर पहुंचकर लोगों को वहां से हटाया।
सदर विकास खंड के सबसे बड़े ग्राम क्योंटरा में यमुना नदी का पानी घरों के चारों तरफ भर जाने से लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। ग्राम प्रधान वीरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि गांव में लगभग साढ़ चार सौ घर पानी से घिर गए हैं। इन सभी के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर उनकी ओर से खाने का इंतजाम कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित लोगों से अपने-अपने घर खाली करके बाढ़ राहत केंद्र में शरण लेने की अपील की लेकिन कोई भी घर छोड़ने को तैयार नहीं है।
ग्राम क्योंटरा में 12 सौ घर हैं। गांव की आबादी 10 हजार है। ग्रामीणों ने इंतजाम को नाकाफी बताते हुए अनदेखी करने का आरोप लगाया। गांव के बुजुर्ग राधेश्याम कहते हैं कि गांव में 32 बीघा जमीन पर खड़ी तिली व बाजरा की फसल पूरी तरह से पानी में समा गई है। वृद्ध अशोक पाठक कहते हैं कि गांव तीनों तरफ से पानी से घिरा हुआ है। राजेश कहते हैं कि क्योंअरा गांव का तीन तरफ से अन्य गांवों का संपर्क पूरी तरह से टूट जाने से लोगों को काफी दिक्कतें हो रहीं है।
यमुना नदी में पानी बढ़ने की स्थिति को देखने के लिए पहुंचे लोगों में सेल्फी लेने की भी होड़ दिखी। बुधवार को पुल से सटी नीचे यमुना नदी को जाने वाली सीढ़ियों पर पहुंचे जलस्तर को अपनी फोटो के साथ कैमरे में कैद करने वालों की काफी भीड़ दिखी।