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थम नहीं रहा यमुना का उफान, गांवों में भरा पानी

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औरैया/अजीतमल/अयाना। उफनाई यमुना का पानी खतरे के निशान 113 मीटर पार 115 मीटर पर पहुंचने के बाद नदी का पानी किनारे बसे गांवों के अंदर पहुंचने लगा है। इससे गांव वाले गृहस्थी के सामान के साथ पलायन करने लगे हैं। अजीतमल व सहायल कस्बे के गांवों में पानी पहुंचने से फसलें जलमग्न हो गई हैं। औरैया शेरगढ़ घाट स्थित श्मशान घाट की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। इससे अंत्येष्टि के लिए पहुंचने वालों को खासी दिक्कत हो रही है। लोगों को मजबूरी में सड़क पर ही अंतिम संस्कार करना पड़ा। केंद्रीय जल आयोग विभाग व जिला प्रशासन पल-पल की निगरानी कर रहा है। वहीं, बाढ़ का नजारा देखने के लिए यमुना पुल पर भारी भीड़ लग रही है। इसके बावजूद पुल पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं दिख रहा है।
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केंद्रीय जल आयोग कर्मचारियों के मुताबिक सोमवार को शाम पांच बजे यमुना के जलस्तर ने 115.12 मीटर का आंकड़ा पार कर लिया है। नदी में जलस्तर प्रति घंटा पांच से नौ सेमी बढ़त बनाए हुए है। कुल मिलाकर बाढ़ का पानी ठहरता नहीं दिख रहा है। एसडीएम सदर अनुपम शुक्ला लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से संपर्क बनाए हुए हैं। साथ ही लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। सोमवार की दोपहर बाइक से बीहड़ी गांव भदौरा पहुंचकर एसडीएम ने लोगों से स्थिति की जानकारी ली।
अजीतमल प्रतिनिधि के मुताबिक यमुना के उफनाने से सिकरोड़ी, गोहानी कलां, जाजपुर, बडेरा आदि गांव में मुख्य मार्गों समेत गांव की गलियों में पानी भर गया है। इसके चलते इन गांवों के लोग पलायन को मजबूर हैं। जलस्तर बढ़ने से इटावा जिले के ग्राम गढ़ा कसदा का अजीतमल से संपर्क कट गया है। रविवार को देर रात एडीएम रेखा एस चौहान ने बाढ़ क्षेेत्र का दौरा किया था।
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सोमवार की सुबह से एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान, तहसीलदार संध्या शर्मा राजस्व टीम के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रही हैं। अधिकारियों ने यमुना किनारे के गांव सिकरोड़ी, बीजलपुर, मिश्रीपुर, फरहा, असेवटा आदि में लोगों को सामान व पशुओं समेत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा है। सिकरोड़ी निवासी सुधीर पुत्र रज्जन लाल, अवध बिहारी पुत्र शिवचरन, अमित कुमार पुत्र रज्जन लाल, रज्जन लाल पुत्र शिवचरन आदि घरों में यमुना का पानी भरने से गृहस्थी का जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थान की और पलायन कर गए हैं। वहीं, आज सुबह प्रधान पति इंद्रवीर सिंह और लेखपाल सुधीर यादव ने गांव का दौरा किया और जिन घरों के बाहर तक पानी आ गया। उनको जानवर सहित घर का सामान बाहर निकलवाया और सुरक्षित स्थान स्कूल में ठहराया। सिकरौड़ी गांव में प्राथमिक विद्यालय के मुख्य गेट तक पानी आ गया। इससे स्कूल में छुट्टी करनी पड़ी। अयाना प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार को नारी व जगतपुर मार्ग पर पानी भर गया। इससे इन गांवों का दूसरे गांवों से संपर्क कट गया है। खेतों में पानी भर जाने से फसलें भी डूब गई।
सहायल क्षेत्र से गुजरी अरिंद नदी का जलस्तर भी दो दिन से बढ़ा है। अरिंद नदी का जलस्तर बढ़ने से इलाके के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। बारिश के बाद अरिंद नदी का पानी किनारे की खेतों में पहुंच गया है। सहायल कस्बा निवासी अरविंद कुमार, प्रांजुल मिश्रा, श्री गोपाल, शिव कुमार, गिनने तिवारी, अवधेश कुमार का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं।
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